झारखंड भारतीय महिला हॉकी के लिए 'हार्ट लैंड' बनकर उभरा है। राज्य की खिलाड़ी अपने बेहतरीन खेल की बदौलत राष्ट्रीय टीम में न सिर्फ जगह बना रही हैं, बल्कि देश में हॉकी के समृद्ध इतिहास को भी आगे बढ़ा रही हैं। इसका उदाहरण भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे हैं।
एकतरफ भारतीय सीनियर महिला हॉकी टीम इस समय नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित हॉकी विश्व कप में हिस्सा ले रही है। वहीं, झारखंड के तीन जिले – सिमडेगा, खूंटी और गुमला – चुपचाप हॉकी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
भारतीय महिला हॉकी में झारखंड का अहम योगदान रहा है। इसमें वहां के खिलाड़ियों के बीच हॉकी को लेकर पैशन और सरकारी सहायता स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के प्रतिभा विकास कार्यक्रम शामिल हैं। पूरे राज्य में 5,000 से ज्यादा लड़के और लड़कियां आवासीय और गैर-आवासीय कार्यक्रमों के जरिए ट्रेनिंग ले रहे हैं। झारखंड भारत की सबसे ज्यादा उत्पादक हॉकी नर्सरी में से एक के तौर पर अपनी पहचान बना रहा है।