BWF World Championships: भारतीय शटलर त्रिशा जॉली पिछले तीन महीनों से खुद को वर्ल्ड चैंपियनशिप के पोडियम पर खड़े होने की कल्पना कर रही थीं, आखिरकार उनका सपना सच हुआ। शनिवार को त्रिशा ने जोड़ीदार गायत्री गोपीचंद के साथ विमेंस डबल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
त्रिशा और गायत्री को सेमीफाइनल में मौजूदा चैंपियन चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग के हाथों 21-18, 13-21, 8-21 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इससे पहले ही भारतीय जोड़ी विमेंस डबल्स में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर चुकी थी। यह साल 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के ब्रॉन्ज मेडल के बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप के इस इवेंट में देश का पहला मेडल था।
त्रिशा ने 'आईएएनएस' से कहा, "मैंने सच में हर दिन उस पोडियम पर होने की कल्पना की थी। मुझे लगता है कि कहीं न कहीं वह सोच, वह विश्वास काम आया। आप हर दिन उसके लिए सपना देखते हैं। हर दिन आप खुद को उसे हासिल करते हुए देखते हैं। मुझे लगता है कि आज आप इसे असल में होते हुए देख सकते हैं।"