प्रदीप कुमार बनर्जी का नाम देश के महान फुटबॉल खिलाड़ियों और कोच में शुमार है, जिन्होंने एशियन गेम्स 1962 में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित पीके बनर्जी भारतीय फुटबॉल के प्रेरणास्रोत माने जाते हैं।
23 जून 1936 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में जन्मे पीके बनर्जी का परिवार विभाजन से पहले जमशेदपुर में स्थानांतरित हो गया था। पिता प्रोवत बनर्जी सरकारी कर्मचारी थे। वेतन इतना नहीं था कि परिवार का अच्छे से भरण-पोषण कर सकें। हालांकि, पीके बनर्जी ने अपनी पढ़ाई के साथ खेल को जारी रखा।
इस बीच परिवार कलकत्ता शिफ्ट हो गया। कुछ समय बाद सिर से पिता का साया उठ गया। पीके भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारियां उन्हीं पर आ गईं। हालांकि, पीके ने चुनौतियों का डटकर सामना किया और फुटबॉल नहीं छोड़ा।