फुटबॉल दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन भारत में इस खेल को अभी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर वाली प्रसिद्धी नहीं मिली है। सरकारी उपेक्षा का शिकार फुटबॉल देश में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। फुटबॉल की स्थिति पिछले कुछ वर्षों में ज्यादा खराब हुई है, लेकिन पहले भी इस खेल की स्थिति आदर्श नहीं थी। इसके बावजूद सैयद शाहिद हाकिम जैसे खिलाड़ियों ने इस खेल को जिंदा रखा है।
सैयद शाहिद हाकिम का नाम उन खिलाड़ियों में लिया जाता है, जिन्होंने अपने दौर में भारतीय फुटबॉल को जिंदा रखने में अपनी पूरी ऊर्जा एक खिलाड़ी और प्रशिक्षक के तौर पर लगाई।
सैयद शाहिद हाकिम का जन्म 23 जून, 1939 को हैदराबाद में हुआ। शाहिद को फुटबॉल खेलने की प्रेरणा अपने पिता सैयद अब्दुल रहीम से मिली। अब्दुल रहीम भी अपने दौर के बेहतरीन फुटबॉलर रहे थे और फॉरवर्ड के तौर पर खेलते थे। शाहिद ने अपने पिता से ही फुटबॉल की बारीकियां सीखीं और इस खेल में करियर बनाने का निर्णय लिया।