Global Sports Summit TURF: भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की प्रमुख पीटी उषा ने रविवार को कहा कि खेल में भारत की सफलता की असली नींव गांवों, छोटे कस्बों और स्कूलों में रखी जाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जमीनी स्तर पर प्रतिभा को खोजना और उसे निखारना देश के लंबे समय तक चलने वाले खेल विकास के लिए बहुत जरूरी होगा।
रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में 'स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसजेएफआई) के स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए आईओए की अध्यक्ष ने पूरे देश में कोचिंग, बुनियादी ढांचे और व्यवस्थित तरीके से प्रतिभा की पहचान में निवेश करके जमीनी स्तर के ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
पीटी उषा ने कहा, "भारतीय खेलों की असली ताकत गांवों, कस्बों और स्कूलों में है, जहां युवा प्रतिभाएं मौके के इंतजार में रहती हैं। अगर हम कोचिंग, बुनियादी ढांचे और प्रतिभा की पहचान में निवेश करना जारी रखते हैं तो भारत लगातार विश्व स्तरीय एथलीट तैयार कर सकता है।" एथलेटिक्स में अपनी खुद की यात्रा पर बात करते हुए उषा ने कहा कि उनके करियर की शुरुआत केरल में बहुत ही साधारण परिस्थितियों में हुई थी, जहां सीमित सुविधाओं के बावजूद उन्होंने वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के अपने सपने को पूरा करने से खुद को नहीं रोका।