गुजरात के विष्णु वाघेला भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम के कप्तान हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विष्णु ने बचपन में आंखों की रोशनी गंवा दी थी, लेकिन इसके बावजूद फुटबॉल खेलने का सपना देखा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। बनासकांठा की पालनपुर तालुका के वाडा गांव में रहने वाले विष्णु की इस उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव बेहद खुश है।
मुश्किल हालात के बावजूद विष्णु ने कभी फुटबॉल के प्रति जुनून को कम नहीं होने दिया। इस बीच परिवार हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहा।
विष्णु वाघेला ने बताया, "मैं करीब 10 देश खेलने जा चुका हूं। 2-3 टूर पर मैंने 'बेस्ट प्लेयर' का खिताब भी अपने नाम किया है। मैं भारतीय टीम के लिए बतौर डिफेंडर खेलता हूं, जबकि गुजरात टीम के लिए स्ट्राइकर के तौर पर खेलता हूं। मुझे तीन बार टॉप स्कोरर का अवॉर्ड भी मिला है।"