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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं से मुलाकात करेंगे पीएम मोदी
रेसलिंग, बैडमिंटन, हॉकी और शूटिंग जैसे अहम खेलों की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लाजवाब रहा। ग्लासगो में हुए इस इवेंट में भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। जूडो के खेल में भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इस खेल में देश को पहला गोल्ड अस्मिता डे ने दिलाया, जबकि हर्ष सिंह भी देश के लिए गोल्ड जीतने में सफल रहे। जूडो में भारत ने कुल 4 मेडल अपने नाम किए।
वहीं, भारतीय मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10 मेडल जीते। इसमें 7 गोल्ड शामिल रहे। महिला मुक्केबाजों ने अपना दमखम दिखाते हुए 7 में से 5 गोल्ड मेडल देश को दिलाए। लॉन्ग-डिस्टेंस रन गुलवीर सिंह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो मेडल जीतने वाले 'ट्रैक एंड फील्ड' में भारत के पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने 10 हजार मीटर की रेस में सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि 5 हजार मीटर की रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीता।