Pole vault
गांव वालों ने ताने मारे, माता-पिता और कोच ने भरोसा किया, पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज जीतकर भावुक हुईं बारानिका इलांगोवन
वर्षों बाद 24 साल की यह भारतीय एथलीट नागोया में एशियन गेम्स के पोडियम पर खड़ी थीं, जहां उन्होंने महिलाओं के पोल वॉल्ट में 4.20 मीटर की ऊंचाई पार करके ब्रॉन्ज मेडल जीता। तमिलनाडु के मयिलादुथुरै जिले के कुथलम गांव से आने वाली इलांगोवन ने 2019 में एसीएल की चोट के बावजूद पोल वॉल्टिंग जारी रखी। उन्होंने कहा कि यह मेडल उनके माता-पिता के भरोसे, उनके कोच के विश्वास और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) से मिले समर्थन का नतीजा है।
इलांगोवन ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद 'आईएएनएस' को बताया, "मैं एक गांव से आती हूं। जब मैंने शुरुआत की, तो 2019 में वॉल्टिंग के दौरान चोट लगने के बाद मेरी एसीएल सर्जरी हुई थी। उस समय हर कोई मेरे माता-पिता से कह रहा था, लड़की को पोल वॉल्ट में हिस्सा क्यों लेने दे रहे हो? यह इवेंट काफी जोखिम भरा है। अगर उसे कुछ हो गया, तो कोई उससे शादी नहीं करेगा।"