शिमला, 2 जनवरी (CRICKETNMORE): सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सोमवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद से हटाए गए अनुराग ठाकुर की देश के शीर्ष क्रिकेट बोर्ड में पारी किसी टी-20 मैच की ही तरह रही- छोटी, लेकिन तेज-तर्रार.. 

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इससे पहले कि वह बड़ा स्कोर खड़ा कर पाते मैच खत्म हो चुका है और हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जोशीले सांसद अनुराग को रिटायर्ड हर्ट हो क्रीज छोड़ना पड़ रहा है।

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अनुराग का हालांकि इस पर कहना है कि उनकी सर्वोच्च न्यायालय से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी और क्रिकेट को लेकर उनकी प्रतिबद्धता वैसी ही रहेगी।

सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर. एम. लोढ़ा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों को लागू न करने पर अनुराग के साथ बोर्ड के सचिव अजय शिर्के को भी हटा दिया है।

ऐसा पहली बार नहीं है कि अनुराग किसी विवाद के चलते अखबारों की सुर्खियों में हैं। इससे पहले भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते भी वह सुर्खियों में छाए रहे।

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अनुराग मई, 2008 में हुए उप-चुनाव में पहली बार सांसद चुने गए और पिछले साल लगातार चौथी बार एचपीसीए के अध्यक्ष बने।

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हिमाचल के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने आईएएनएस से कहा, "अपने पिता के उलट अनुराग की अपने संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में बहुत पकड़ नहीं है। वास्तव में अपने बेटे को जिताने में धूमल ने दिन-रात मेहनत की, जिसकी बदौलत अनुराग को लोकसभा चुनाव-2014 में जीत मिली।"

लेकिन अनुराग ने क्रिकेट के प्रति अपने जुनून और समर्पण के जरिए राज्य में क्रिकेट के लिए शानदार बुनियादी ढांचा तैयार किया और अपनी पहचान बनाई।

हिमाचल प्रदेश में खूबसूरत धर्मशाला अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम सहित पांच क्रिकेट स्टेडियमों के निर्माण और एक क्रिकेट अकादमी की स्थापना का श्रेय निश्चित तौर पर अनुराग को जाता है।

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अनुराग पर हालांकि धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे और एचपीसीए को खिलाड़ियों के लिए एक आवासीय परिसर का निर्माण करने के लिए भूमि आवंटन करने में गड़बड़ी करने के आरोप भी झेलने पड़े।

सतर्कता आयोग ने अनुराग और उनके छोटे भाई अरुण धूमल पर राजस्व दस्तावेजों में हेरफेर कर धर्मशाला के निकट एक भूमि पर कब्जा करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया।

अनुराग पर कुछ मामले अभी भी विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं।

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अनुराग का क्रिकेट के साथ जुड़ाव 14 वर्ष की अवस्था से ही रहा। अनुराग की कप्तानी में पंजाब अंडर-16 टीम ने ऑल इंडिया विजय मर्चेट ट्रॉफी कप कब्जा जमाया। अनुराग पंजाब अंडर-19 और नॉर्थ जोन अंडर-19 टीम के भी कप्तान रहे और उनकी कप्तानी में नॉर्थ जोन अंडर-19 टीम ने ऑल इंडिया चैम्पियनशिप भी जीती।

अनुराग 25 वर्ष की आयु में एचपीसीए के अध्यक्ष चुने गए और बीसीसीआई से संबद्ध किसी राज्य क्रिकेट संघ के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने।

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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