पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के बाद बेन स्टोक्स एंड कंपनी की पूरी दुनिया मुरीद हो गई है। वहीं, अपनी ही धरती पर 3-0 से क्लीन स्वीप होने के बाद बाबर आज़म एंड कंपनी को मुंह छिपाने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है। मंगलवार को कराची में खेले गए तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 3-0 से जीत ली। इस हार के साथ ही पाकिस्तान ने अपनी धरती पर लगातार चार हार का रिकॉर्ड भी बना लिया।
वहीं, पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास में ये पहली बार हुआ है कि उन्हें अपने घर पर 3-0 के क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। टेस्ट क्रिकेट में लगातार हार के चलते पाकिस्तान विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप अंक तालिका में सातवें स्थान पर खिसक गया है और ज्यादातर लोगों का मानना है कि पाकिस्तान फाइनल की रेस से बाहर हो गया है और अगर आप भी ऐसा मानते हैं तो शायद आप गलत साबित हो सकते हैं क्योंकि पाकिस्तान के पास अभी भी धुंधली सी उम्मीद है जो उन्हें फाइनल तक पहुंचा सकती है।
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले पाकिस्तान के पास पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने का सबसे अच्छा मौका था क्योंकि उन्हें घर में पांच मैच खेलने थे (तीन इंग्लैंड के खिलाफ और दो न्यूजीलैंड के खिलाफ) पाकिस्तान इंग्लैंड सीरीज की शुरुआत से पहले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भारत से आगे तीसरे स्थान पर था लेकिन 3-0 की हार ने उन्हें 38.99 प्रतिशत अंकों के साथ श्रीलंका और वेस्टइंडीज से भी नीचे सातवें स्थान पर गिरा दिया है।
हालांकि, पाकिस्तान अभी भी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना सकता है, लेकिन उनकी बहुत सी संभावनाएं अन्य कारकों पर निर्भर करती हैं, जिसमें शीर्ष पर काबिज ऑस्ट्रेलिया उनका काम बना सकती है। सबसे पहले पाकिस्तान को घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप दर्ज करना होगा, जिससे उनका जीत-प्रतिशत 47.62 प्रतिशत हो जाएगा। ये पाकिस्तान को दूसरे स्थान पर रखने के लिए तभी पर्याप्त होगा जब नीचे दिए गए कारक सही होंगे
(1) पाकिस्तान फाइनल में अपनी राह पक्की करने के लिए ज्यादातर ऑस्ट्रेलिया पर निर्भर रहेगा। पाकिस्तान चाहेगा कि ऑस्ट्रेलिया पहले टेस्ट की ही तरह दक्षिण अफ्रीका पर अपना दबदबा जारी रखे और उन्हें एक भी मैच ना जीतने दे और फिर भारत के खिलाफ अगले महीने होने वाली टेस्ट सीरीज में भी ऑस्ट्रेलिया भारत का सफाया करे।
(2) 22 दिसंबर से शुरू होने वाले मीरपुर टेस्ट पर भी पाकिस्तान की निगाहें होंगी और पाकिस्तान चाहेगा कि किसी तरह बांग्लादेश इस टेस्ट में भारत को हरा दे, अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान किसी चमतत्कार की उम्मीद कर सकता है।
(3) इसके साथ ही पाकिस्तान दुआ करेगा कि मार्च 2023 में खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज़ में न्यूज़ीलैंड की टीम श्रीलंका को हरा दे।
(4) पाकिस्तान को अंत में ये चाहिए होगा कि वेस्टइंडीज की टीम दक्षिण अफ्रीका को व्हाइटवॉश कर दे या दो टेस्ट में से एक में जीते और दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ हो जाए।
अगर ये सब बिल्कुल पाकिस्तान के हिसाब से घटित हुआ (जिसकी संभावना लगभग ना के बराबर है) तो यकीन मानिए पाकिस्तान चमत्कारिक रूप से ऑस्ट्रेलिया के साथ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल में खेलती दिखेगी।