जोनाथन नील रोड्स उर्फ जोंटी रोड्स साउथ अफ्रीकी क्रिकेट में एक ऐसा नाम जिसने वर्ल्ड क्रिकेट को अपने असाधारण फिल्डिंग क्षमता से सबको चौका दिया था। चीते के तरह फूर्ती से मैदान पर फिल्डिंग करने में जोंटी रोड्स का मुकाबला आज तक कोई भी खिलाड़ी नहीं कर पाया है । 

जोंटी रोड्स का नाम क्रिकेट दिवानों के जेहन पर उस वक्त चढ़ा जब 1992 वर्ल्ड कप में उन्होंने अपनी फिल्डिंग से सभी क्रिकेट के चाहने वालों को हैरत में डाल दिया था। साउथ अफ्रीका की टीम पहली बार वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही थी। 26 फरवरी 1992 में सिडनी पर ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए पहले मैच में जोंटी रोड्स ने अपना वन डे करियर की शुरूआत की थी। लेकिन सही मायने में जोंटी रोड्स के असमान्य क्षमता का परिचय वर्ल्ड क्रिकेट को पाकिस्तान के साथ हुए मैच से मिला था।


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8 मार्च 1992 को ब्रिस्बेन में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में जोंटी रोड्स ने अपने फिल्डिंग के दौरान जो कारनामा किया था वो क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले फिल्डिंग करने का फैसला किया । साउथ अफ्रीका ने पाकिस्तान के सामने 211 रनों का लक्ष्य रखा था। साउथ अफ्रीका की पारी समाप्त होने पर कतई ऐसा नहीं लग रहा था मैच में साउथ अफ्रीका कोई कारनामा कर पाएगा । 212 रनो के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम ने सधी हुई शुरूआत की थी. जब पाकिस्तान के पारी में 21.3 ओवर का खेल हुआ था तभी बारिश ने मैच में खलल डाल दिया था। बारिश के बाद मैच शुरू हुआ तो रेन रूल के नियम ते तरह पाकिस्तान को 36 ओवर में 194 रनो का नया लक्ष्य मिला था। 

इस वर्ल्ड में शानदार बल्लेबाजी करने वाले इंजमाम उल – हक ने एक तरह से साउथ अफ्रीका से जीत छीन ही ली थी। पाकिस्तानी पारी के तीसवें ओवर तक पाकिस्तान की टीम टीम का स्कोर 135/2 था। तब इंजमाम 48 रन बनाकर कप्तान इमरान खान के साथ पाकिस्तान को जीत की दहलीज पर ले जा रहे थे । लेकिन 31वें ओवर में अचानक एक ऐसी असाधारण घटना घटी जिससे मैच का पूरा परिपेक्ष ही बदल कर रख दिया था। 

पाकिस्तानी पारी के 31वें ओवर में साउथ अफ्रीकी गेंद ब्रायन मैकमिलन की एक गेंद इंजमाम उल हक के पैड पर लगते हुए डीप बैकवर्ड पॉइंट पर चली गई थी , डीप बैकवर्ड पॉइंट पर फिल्डिंग कर रहे जोंटी रोड्स ने गेंद  पकड़ ली और विकेटकीपर की हाथों में फेंकने के बजाय खुद स्टंप की तरफ दौड़ पड़े , स्टंप से 2 से 3 फीट दूर से ही जोंटी रोड्स छलांग लगाते हुए स्टंप पर गेंद को मारते हुए जा गिरे । लेकिन इंजमाम उस समय तक अपनी क्रीज पर नहीं पहुंचे थे। अंपायर ने बिना हिचक किए इंजमाम को आउट दे दिया था। जिस तरह से जोंटी ने इंजमाम को रन आउट किया वह बेहतरीन था। इस मैच को देख रहे हर क्रिकेट फैन को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पा रहा था कि कोई कैसे अपने पूरे शरीर को हवा में पंक्षी की भांति उड़ा सकता है। इस आसाधारण रन आउट के बाद पाकिस्तान की टीम की पूरी तस्वीर बदल कर रख दी थी। साउथ अफ्रीका ने बारिश से बाधित मैच में पाकिस्तान को 20 रन से हरा दिया था। 

उस एक पल ने वर्ल्ड क्रिकेट को फिल्डिंग की तरफ खींच लिया था। अब हर कोई क्रिकेट पंडित से लेकर प्रशंसक हर कोई जोंटी रोड्स के फिल्डिंग की बात करने लगा था। जोंटी रोड्स को सुपरमैन भी कहा जाने लगा था। फिल्डिंग करने के क्षेत्र में जोटीं रोड्स ने ही असमान्य क्रांति ला दी थी। उसके बाद से हर कोई अपने गेंदबाजी- बल्लेबाजी के साथ –साथ मैदान पर बेहतरीन फिल्डिंग परफॉर्मेस भी करना चाहने लगा था।

जोंटी रोड्स ने अपने 245 वनडे मैच में 105 कैच लपके हैं तो वहीं 52 टेस्ट में 34 कैच को अपने सुरक्षित हाथों में कैद किया है । 

विशाल भगत/CRICKETNMORE

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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