क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है और समय-समय क्रिकेट के मैदान पर कुछ ऐसे उलफेटर होते रहते है जो इसे सही ठहराते हैं। । वर्ल्ड कप 2003 में भी एक ऐसा ही कुछ वाकया घटित हुआ था जब केन्या ने श्रीलंका को हरा कर उसका वर्ल्ड कप चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया था। 2003 में नैरोबी के जिमखाना क्लब ग्राउंड पर लीग मैच में श्रीलंका ने टॉस जीत कर केन्या को पहले बल्लेबाजी करने के लिए बुलाया था । केन्या टीम के सलामी बल्लेबाज कैनेडी ओटीएनओ ओबुया ने श्रीलंका के बॉलरों का जमकर सामना किया और 60 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर केन्या को श्रीलंका के समक्ष सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाया था। श्रीलंका के घातक गेंदबाजी अटैक के सामने केन्या ने किसी तरह से 200 रनों के आकड़े को पार कर जबरदस्त संघर्ष करने की क्षमता का परिचय दिया था। केन्या ने 50 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 210 रनों का स्कोर खड़ा किया था ।

श्रीलंका जैसी टीम के लिए 211 रनों का लक्ष्य बहुत छोटा था और हर कोई सोच रहा था कि श्रीलंका बड़ी आसानी से इस लक्ष्य को हासिल कर लेगी। श्रीलंका की टीम में मार्वन अट्टापट्टू,सनथ जयसूर्या,अरविंदा डि सिल्वा,कुमार संगाकारा और महेला जयवर्धने जैसे बेहतरीन बल्लेबाज शामिल थे लेकिन केन्या के गेंदबाजों ने मैच में जिस तरह से पासा पलटा वो बिल्कुल असाधारण था। क्रिकेट में इस तरह के मौके कभी- कभार ही देखने को मिलते हैं जब कोई कम क्षमता वाली टीम अपने सामने की अति शक्तिशाली टीम को बुरी तरह से धूल चटा दे। केन्या के दाऐं हाथ के तेज गेंदबाज मार्टिन सूजी ने श्रीलंका की पारी के पांचवें ओवर में धाकड़ बल्लेबाज सनथ जयसूर्या को महज 3 रन पर आउट कर केन्या की टीम में नई ऊर्जा भर दी थी । जयसूर्या के पवेलियन लौटने के बाद श्रीलंकन पारी में 33 रन ही जुड़े थे की तभी मार्वन अट्टापट्टू को ओडोयों ने क्लीन बोल्ड कर मैच को जबर्रदस्त रोमांच की ओर अग्रसर कर दिया था। हालांकि हसन तिलकरत्ने और अरविंदा डि सिल्वा ने श्रीलंका की पारी को बचाने की कोशिश की लेकिन लेग स्पिनर कॉलिंस ओबुया ने तिलकरत्ने और अरविन्द डि सिल्वा को आउट कराकर केन्या को बड़ा उलटफेर करने के दरवाजे पर ला खड़ा कर दिय़ा। लेग स्पिनर कॉलिंस ओबुया के लिए यह मैच बड़ा ही शानदार था उन्होंने अपनी लेग ब्रेक गेंदबाजी से श्रीलंका के बल्लेबाजों को परेशान करते हुए बेहतरीन गेंदबाजी करी थी । श्रीलंका की टीम लक्ष्य तक पहुंचने में नाकाम रही थी और पूरी टीम आश्चर्यचकित ढ़ंग से 45 ओवरों में केवल 157 रन पर ढ़ेर हो गई और केन्या ने यह मैच 53 रन से जीत लिया था   

केन्या के कॉलिंस ओबुया ने अपनी जादुई गेंदबाजी से 5 श्रीलंकन बल्लेबाजों को पवेलियन पहुंचाया तो वहीं मार्टिन सूजी ने भी श्रीलंका के 4 बल्लेबाजों पर हाथ साफ किया। केन्या ने वनडे क्रिकेट में पहली बार श्रीलंका को पटखनी दी थी तो वहीं कॉलिंस ओबुया ने अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस किया था । कॉलिंस ओबुया को उनके द्वारा किए गए परफॉर्मेंस के चलते ही मैन ऑफ द मैच चुना गया था था। केन्या ने श्रीलंका पर इतनी बड़ी जीत दर्ज करने का ही कारण था कि केन्या ने 2003 वर्ल्ड कप में बड़े ही आत्मविश्वास के साथ अपने सभी मैच खेले और सेमीफाइनल तक का सफर भी तय किया था। 

विशाल भगत/CRICKETNMORE

Advertisement

 

Advertisement

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार