जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम ने आखिरकार 67 साल के लंबे इंतज़ार को खत्म करते हुए रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब अपने नाम कर ही लिया। कर्नाटक के खिलाफ हुबली के केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए फाइनल मुकाबले के आखिरी दिन जम्मू और कश्मीर ने जैसे ही अपनी दूसरी पारी घोषित की वैसे ही उनके ड्रेसिंग रूम में जश्न का माहौल शुरू हो गया। इस मैच के ड्रॉ होने के साथ ही जम्मू और कश्मीर ने पहली बार रणजी खिताब अपने नाम कर लिया।
हालांकि, इस फाइनल के आखिरी दिन पूरी लाइमलाइट जम्मू और कश्मीर के बल्लेबाजों पर थी लेकिन दोपहर होते-होते कर्नाटक के स्टार खिलाड़ी केएल राहुल भी सुर्खियों में आ गए। दरअसल, इस मैच के पांचवें दिन राहुल बॉलिंग करते हुए नजर आए और उनके हाथ में बॉल देखकर हर कोई हैरान था क्योंकि उन्होंने 11 साल से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बॉलिंग नहीं की थी।
राहुल अक्सर विकेटकीपिंग करते रहे हैं। ऐसे में उन्हें बॉलिंग करते देखना एक अलग नजारा था। हालांकि, राहुल लगभग विकेट लेने ही वाले थे कि स्लिप में मयंक अग्रवाल ने आसान सा कैच छोड़ दिया। ये नजारा तब देखने को मिला जब मैच ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था, तभी कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल ने 5वें दिन लंच से पहले केएल राहुल से हाथ घुमाने के लिए कहा।
ये सिर्फ 9वीं बार था जब उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बॉलिंग की। उन्होंने फर्स्ट क्लास में कभी विकेट नहीं लिया था लेकिन इस मैच में उन्होंने लगभग अपना पहला विकेट ले ही लिया था लेकिन मयंक अग्रवाल ने स्लिप में गलती कर दी। जम्मू और कश्मीर के बल्लेबाज साहिल लोत्रा ने राहुल की गेंद पर कट शॉर्ट मारने की कोशिश की लेकिन उनके बल्ले का मोटा किनारा लगने के बाद गेंद स्लिप में खड़े मयंक अग्रवाल की तरफ गई लेकिन उन्होंने एक आसान सा कैच छोड़ दिया।
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मयंक के कैच छोड़ने के बाद राहुल साफ तौर पर निराश थे और उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में अग्रवाल को कुछ गालियां भी दीं। बता दें कि अग्रवाल और राहुल बचपन के दोस्त हैं और साथ में एज ग्रुप क्रिकेट खेल चुके हैं। ऐसे में ये दोनों खिलाड़ियों के बीच एक मस्ती भरा पल था। मयंक अग्रवाल बाद में देवदत्त पडिक्कल और करुण नायर को भी बताते दिखे कि आखिर उनसे कैच कैसे छूट गया और उनका दोस्त विकेट लेते लेते रह गया।