नई दिल्ली, 16 मार्च (CRICKETNMORE)| भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा का कहना है कि कप्तान और सीनियर के रूप में महेंद्र सिंह धोनी ने उनके पूरे करियर के दौरान काफी मदद की है। 

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कभी महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेलने वाले इशांत अब विराट कोहली की कप्तानी में टेस्ट टीम का हिस्सा हैं। इशांत इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 12वें संस्करण में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलेंगे। 

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इशांत ने आईएएनएस से कहा, "माही (धोनी) भाई ने कई बार मुश्किल समय में मेरी मदद की है औऱ कई बार मुझे टीम से बाहर होने से बचाया। अब टीम में सीनियर होने के नाते विराट मेरे पास आते हैं और कहते हैं, 'मुझे पता है कि आप थके हुए हैं, लेकिन एक सीनियर होने के नाते आप को टीम के लिए ऐसा (गेंदबाजी) करना होगा।" 

तेज गेंदबाज ने कहा, "पहले मैं सिर्फ अच्छी गेंदबाजी करना चाहता था लेकिन अब मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं और विकेट लेना चाहता हूं। आप विकेट लेकर ही लोगों की सोच (धारणा) को बदल सकते हैं, इसलिए अब मेरे लिए विकेट लेना ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।"

2013 के चैम्पियंस ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले इशांत अब लोगों की नजर में एक अच्छे टेस्ट गेंदबाज बन गए हैं। उनका मानना है कि इन दिनों खिलाड़ियों के लिए लोगों की धारणा महत्वपूर्ण हो गया है। 

इशांत ने कहा, "हां, मौजूदा समय में धारणा एक बड़ी चीज हो गई है, जिससे खिलाड़ियों को निपटना पड़ रहा है। मुझे नहीं पता कि यह कहां से आता है। मैं इन सब चीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। मैं हमेशा सकारात्मक रहता हूं और अपने खेल पर ही ध्यान केंद्रित करता हूं। " 

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उन्होंने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मैं इसे एक अवसर के रूप में लेता हूं और अगर मैं अच्छा प्रदर्शन करता हूं, तो मैं विश्व कप टीम में दावा करने की स्थिति में रहूंगा। मेरा मानना है जो खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में अच्छा कर सकता है वह सफेंद गेंद से भी बेहतर कर सकता है, बस उन्हें अपने प्रदर्शन में निरंतरता रखना होगा।" 

मेरिलबोन क्रिकेट समिति (एमसीसी) ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए मानक गेंद का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है और इशांत ने एमसीसी के इस सुझाव का स्वागत किया है। 

इस सम्बंध में इशांत कहा, "मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है क्योंकि ड्यूक गेंदें गेंदबाजों के लिए उपयुक्त हैं। कूकाबुरा में गेंदबाजों के लिए ज्यादा कुछ नहीं है और मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में गिरावट आने का यही एक कारण है।" 

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भारत के लिए अब तक 90 टेस्ट मैचों में 267 विकेट हासिल कर चुके तेज गेंदबाज ने कहा, "अगर बल्लेबाजों का ही हर समय दबदबा रहेगा तो इससे कोई फायदा नहीं है। मुझे लगता है कि ड्यूक बॉल के साथ समस्या यह है कि निर्माता कूकाबुरा के रूप में उतनी गेंदें नहीं बना सकते, क्योंकि यह हाथों से बनाया जाता है। आप कूकाबुरा गेंद के साथ ज्यादा विकेट नहीं ले सकते लेकिन आप ड्यूक के साथ ले सकते हैं।" 

इशांत ने नई फ्रेंचाइजी से जुड़ने पर कहा, "नई टीम के साथ जुड़ने से उत्साहित हूं और इसके लिए कुछ नया और अच्छा करना चाहता हूं। दिल्ली की बल्लेबाजी पिछले साल भी काफी अच्छी रही थी और गेंदबाजी में क्रिस मोरिस, कगिसो रबादा, ओशाने रदरफोर्ड जैसे के विदेशी गेंदबाजों के होने टीम और भी संतुलित हुई है। 

बतौर कोच रिकी पोंटिंग और बतौर सलाहकार सौरभ गांगुली के टीम से जुड़ने पर इशांत ने कहा, "ये दोनों दिग्गज अपनी-अपनी टीमों के लिए विश्व कप खेल चुके हैं। इनके पास काफी अनुभव है और दिल्ली में युवा खिलाड़ी हैं इसलिए ये इन दिग्गजों के अनुभव का फायदा उठाना चाहेंगे।"
 

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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