टीम इंडिाया के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर (R Sridhar) ने अपने कोचिंग के तरीकों में किए गए बदलावों और उन बदलावों को लाने में सीनियर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) की भूमिका के बारे में खुलकर बताया है। श्रीधर ने अपनी आत्मकथा 'कोचिंग बियॉन्ड- माई डेज़ विद द इंडियन क्रिकेट टीम' में लिखा, 'अश्विन के साथ होने के कारण मैं नेशनल टीम के साथ अपने पहले सप्ताह की शुरुआती बातचीत से काफी प्रभावित हुआ।'

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आर श्रीधर ने लिखा, 'उन्होंने मुझसे पूछा, यदि आपको कोई आपत्ति नहीं है, श्रीधर सर, तो मैं आपकी बात क्यों मानूं और आपके द्वारा सुझाए गए फील्डिंग अभ्यास का पालन क्यों करूं? जो आप मुझसे कह रहे हैं, मैं वह क्यों करूं? 2011 से 2014 तक हमारे पास फील्डिंग कोच के रूप में ट्रेवर पेनी थे। अब आप अंदर आ गए हैं,मान लीजिए दो से तीन साल के लिए आप यहां रहेंगे। आप कुछ कहेंगे, फिर नया फील्डिंग कोच आएंगे वो कुछ कहेंगे।'

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आर श्रीधर ने आगे लिखा, ' अश्विन ने मुझसे कहा कि अगर मैं ईमानदारी कहूं तो अगले तीन साल में मेरा काफी कुछ दांव पर लगा है। मुझे विश्वास होना चाहिए कि आप जो कह रहे हैं वह मेरे लिए काम करने वाला है। इससे मेरे खेल में मदद मिलनी चाहिए, नहीं तो मैं आपकी बात क्यों मानूं?'

श्रीधर ने कहा कि बातचीत से उन्हें यह एहसास हुआ कि भारतीय टीम के साथ काम करते हुए उन्हें बदलाव करने की जरूरत है। उनके सवालों ने उनको सोचने पर मजबूर कर दिया। बता दें कि हैदराबाद के पूर्व स्पिनर ने 2014 में भारत के फील्डिंग कोच के रूप में पदभार संभाला और डंकन फ्लेचर, अनिल कुंबले और रवि शास्त्री के साथ भी काम किया।

लेखक के बारे में

Nitesh Pratap
मैं पिछले 4 सालों से क्रिकेट में हिंदी कंटेंट राइटिंग कर रहा हूँ। मुझे क्रिकेट खेलना, देखना और उसके बारे में पढ़ना काफी पसंद है। मैं अपनी क्रिकेटिंग राइटिंग स्किल्स को बेहतर करने के लिए पिछले कुछ महीनों से cricketnmore के साथ जुड़ा हुआ है। यहाँ मुझे क्रिकेट की बारीकियों के बारे में काफी जानने और सीखने को मिल रहा है। Read More
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