वर्ल्ड क्रिकेट इतिहास के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने Unacademy के खास शो में बातचीत करते हुए अपने क्रिकेट करियर से जुड़ी कई हैरतअंगेज बातों का खुलासा किया है।

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सचिन ने इस दौरान कहा कि एक वक्त वो भी आया जब वो करीब 10-12 साल तक चिंता और बेचैनी से परेशान रहे और इस दिग्गज को रातों में नींद नहीं आती थी।

ध्यान भटकाने के लिए वो कई अलग-अलग चीजें करते थे जिसमें "शैडो बैटिंग" भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वो टीवी देखा करते थे, वीडियो गेम खेला करते थे और यहां तक खुद से सुबह की चाय बनाने की आदत ने उन्हें उनकी बल्लेबाजी में सुधार करवाने में मदद की।

सचिन ने कहा," चाय बनाना और कपड़ो को प्रेस करना उन आदतों में से एक थी जिन्होंने मेरी खेल में मेरी मदद की। मैं मैच से एक दिन पहले बैग पैक कर लेता था और यह मेरे भाई ने सिखाया था जो कि एक आदत सी बन गई थी। मैंने यह चीज तब तक अपनाई जब मैंने भारत के लिए अपना आखिरी मैच खेला।"

इसी बीच सचिन तेंदुलकर ने एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया और कहा की कैसे एक बार एक डोसा वाला आया और उसने सचिन तेंदुलकर की तकनीक सुधरवाने में मदद कराई। 

महान बल्लेबाज ने चेन्नई होटल के एक स्टाफ को याद करते हुए कहा," वह आदमी कमरे में मेरे लिए डोसा लेकर आया और टेबल पर रखने के बाद एक सलाह दी। उसने कहा कि मेरा एल्बो गार्ड मेरे बल्ले के स्विंग को रोक रहा है और सही में ऐसा ही था। उसने मेरा ध्यान उस खींचा और बताया।"

सचिन ने कहा कि आपकी जिंदगी में कई तरह के उतार चढ़ाव आते है और तब आपके पास एक सही इंसान होना चाहिए जो सबकुछ ठीक कर दे और आपको संभाल ले।

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Shubham Shah
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