भारतीय क्रिकेट के नए सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर बीसीसीआई ने एक खास और अहम फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 15 वर्षीय बल्लेबाज के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उनके माता-पिता भी साथ जा सकते हैं।
शनिवार (6 जून) को वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया। इसके साथ ही उन्हें एशियन गेम्स 2026 की टीम में भी जगह मिली है। महज 15 साल और 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया की सीनियर टीम में चुने जाने वाले वह सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने 36 साल पुराना सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
वैभव का चयन आईपीएल 2026 में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद हुआ है। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। वहीं इस दौरान उन्होंने 237 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर सभी को प्रभावित किया।
अब जब वैभव पहली बार भारतीय सीनियर टीम के साथ विदेश दौरे पर जाने वाले हैं, तो बीसीसीआई ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके माता-पिता भी उनके साथ रह सकें। स्पोर्टस्टार से बातचीत में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इसकी पुष्टि की है।
सैकिया ने कहा कि वैभव अभी बहुत कम उम्र के हैं और नए माहौल में खुद को सहज महसूस कराने के लिए उनके माता-पिता का साथ जरूरी है। उन्होंने बताया कि बोर्ड उनके माता-पिता के यात्रा और रहने का पूरा खर्च उठाएगा ताकि वैभव बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपने क्रिकेट पर ध्यान दे सकें।
दिलचस्प बात यह है कि भारतीय क्रिकेट में इससे पहले भी ऐसा उदाहरण देखने को मिला था। जब 1989 में 16 साल के सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, तब उनके बड़े भाई अजीत तेंदुलकर भी उनके साथ गए थे।
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हालांकि वैभव के लिए यह पहला विदेशी दौरा नहीं है। वह इस समय श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के खिलाफ 9 जून से खेली जाने वाली ट्राई सीरीज के लिए भारत ए टीम के साथ श्रीलंका में हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में जिस तेजी से उनकी लोकप्रियता बढ़ी है, उसे देखते हुए बीसीसीआई ने महसूस किया कि उनके माता-पिता का साथ उनके लिए सबसे मजबूत सहारा साबित हो सकता है।