सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा एक ही दौर में खेलने वाले दो महान बल्लेबाज रहे। तेंदुलकर दाएं हाथ से, तो वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे। दोनों का डिफेंस जितना मजबूत था, गेंदबाजों के खिलाफ आक्रमण करने की तकनीक उतनी ही शानदार थी। तेंदुलकर और लारा के दौर में हमेशा इस बात की चर्चा क्रिकेट की दुनिया में हुई कि दोनों में बेहतर कौन है?
ब्रायन लारा ने एक बार अपने बयान से तेंदुलकर और अपने बीच लगातार होने वाली श्रेष्ठता की बहस को लगभग समाप्त कर दिया था।
लारा ने एक बार कहा था, "मैं तो बस एक आम इंसान हूं। सचिन जीनियस हैं। सचिन एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिनकी बल्लेबाजी देखने के लिए टिकट खरीदकर मैं स्टैंड में बैठना पसंद करूंगा।"
लारा का यह बयान सचिन के लिए सिर्फ उनका सम्मान नहीं है, बल्कि सचिन की श्रेष्ठता का प्रमाण भी है, क्योंकि लारा का नाम भी क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में निर्विवाद रूप से लिया जाता है।
ब्रायन लारा के मित्र और गॉड ऑफ क्रिकेट के नाम से मशहूर 'भारत रत्न' सचिन तेंदुलकर 24 अप्रैल को 53 साल के हो रहे हैं। 1973 में मुंबई में जन्मे तेंदुलकर ने 1983 विश्व कप में भारत की जीत के बाद क्रिकेटर बनने और देश के लिए विश्व कप जीतने का सपना देखा था।
1989 में डेब्यू करने वाले सचिन का विश्व कप जीतने का सपना 2011 में उनके घरेलू मैदान, वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में पूरा हुआ था। 2013 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
बतौर क्रिकेटर सचिन के नाम सर्वाधिक मैच, रन और शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड है। सचिन ने 200 टेस्ट में 51 शतक लगाते हुए 15,921 रन और 463 वनडे में 49 शतक लगाते हुए 18,426 रन बनाए हैं। एक टी20 में उनके 10 रन हैं।
क्रिकेटर के रूप में करियर में असाधारण ऊंचाई छूने के अलावा सचिन की प्रतिष्ठा और लोकप्रियता एक इंसान के तौर पर भी है। बड़ी सफलता हासिल करने के बावजूद सचिन ने अपने अंदर उदारता और दूसरों को सिखाने का भाव जिंदा रखा है। यह उन्हें बेहद खास बनाता है।
बतौर क्रिकेटर सचिन के नाम सर्वाधिक मैच, रन और शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड है। सचिन ने 200 टेस्ट में 51 शतक लगाते हुए 15,921 रन और 463 वनडे में 49 शतक लगाते हुए 18,426 रन बनाए हैं। एक टी20 में उनके 10 रन हैं।
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सचिन से जुड़ी यह एकमात्र कहानी नहीं है, बल्कि ऐसी कहानियां कई क्रिकेटरों ने साझा की हैं। एक महान क्रिकेटर होने के साथ-साथ सचिन तेंदुलकर मौजूदा और भविष्य के क्रिकेटरों की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। यही उनकी जीवन की सार्थकता है, जो उन्हें बाकी क्रिकेटरों से अलग बनाती है।