भारत और श्रीलंका के बीच दो मुकाबलों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होने जा रही है। भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में रवींद्र जडेजा की सफलता के पीछे एक बड़ा कारण उनका आक्रामक सोच वाला गेंदबाज बनना है। पुजारा मानते हैं कि यह ऑलराउंडर अब सिर्फ रन रोकने के बजाय विकेट लेने के इरादे से हर गेंद फेंकता है।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले पुजारा ने कहा कि हाल के वर्षों में जडेजा की सोच में काफी बदलाव आया है, जिससे वह टेस्ट क्रिकेट (सबसे लंबे फॉर्मेट) में और भी खतरनाक गेंदबाज बन गए हैं।
दोनों देश 15-19 अगस्त के बीच गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में सीरीज का पहला मैच खेलेंगे। इसके बाद 23 से 27 अगस्त के बीच कोलंबो दूसरे मैच की मेजबानी करेगा।
पुजारा ने 'जियो स्टार' से कहा, "पहले, जब रवींद्र जडेजा गेंदबाजी करते थे, तो उनकी सोच ज्यादा रन न देने की होती थी, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट में। अगर पिच से थोड़ी मदद मिलती थी, तो वह विकेट लेने की कोशिश करते थे। लेकिन अगर पिच गेंदबाजों के अनुकूल नहीं होती थी, तो उनका ध्यान रन रोकने पर होता था, लेकिन अब, उन्होंने अपनी ताकत को समझ लिया है और उसी के हिसाब से गेंदबाजी कर रहे हैं। हर मैच में, वह स्टंप्स की लाइन में गेंद डालने और बल्लेबाज को आउट करने की कोशिश कर रहे हैं।"
पुजारा ने बताया कि इस बाएं हाथ के स्पिनर का नजरिया अब अधिक आक्रामक हो गया है, जिससे वह कंट्रोल बनाए रखते हुए अलग-अलग एंगल और वेरिएशन आजमा सकते हैं।
पुजारा ने 'जियो स्टार' से कहा, "पहले, जब रवींद्र जडेजा गेंदबाजी करते थे, तो उनकी सोच ज्यादा रन न देने की होती थी, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट में। अगर पिच से थोड़ी मदद मिलती थी, तो वह विकेट लेने की कोशिश करते थे। लेकिन अगर पिच गेंदबाजों के अनुकूल नहीं होती थी, तो उनका ध्यान रन रोकने पर होता था, लेकिन अब, उन्होंने अपनी ताकत को समझ लिया है और उसी के हिसाब से गेंदबाजी कर रहे हैं। हर मैच में, वह स्टंप्स की लाइन में गेंद डालने और बल्लेबाज को आउट करने की कोशिश कर रहे हैं।"
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श्रीलंका की पिचों पर स्पिन गेंदबाजी की अहम भूमिका रहने की उम्मीद है, ऐसे में जडेजा की वापसी से भारत को बड़ी मजबूती मिलेगी, क्योंकि टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश कर रही है।