आर. रामचंद्र राव की गिनती भारत के काबिल अंपायर्स में की जाती है। रामचंद्र उस ऐतिहासिक मैच का हिस्सा रहे, जिसमें भारत के पूर्व बल्लेबाज सुनील गावस्कर 10 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने। इसके साथ ही उन्होंने भारत-पाकिस्तान के मैचों में भी अंपायरिंग करते हुए कई अहम फैसले दिए।
आर. रामचंद्र राव का जन्म 16 सितंबर, 1931 को हुआ। रामचंद्र के पास क्रिकेट की अच्छी समझ थी और बेहतर निर्णय लेने की उनकी क्षमता के चलते जल्द ही उन्हें फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अंपायरिंग करने का मौका मिल गया। 1975 में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच खेले गए रणजी ट्रॉफी के मुकाबले में रामचंद्र ने पहली बार अंपायरिंग की। उन्होंने अपने करियर में कुल 20 फर्स्ट-क्लास मैचों में अंपायरिंग की और कई अहम फैसले दिए। वह बतौर अंपायर मैदान पर काफी शांत रहते थे और राव खिलाड़ियों के अपील से दबाव में नहीं आया करते थे।
आर. रामचंद्र राव की गिनती भारत के काबिल अंपायर्स में की जाती है। रामचंद्र उस ऐतिहासिक मैच का हिस्सा रहे, जिसमें भारत के पूर्व बल्लेबाज सुनील गावस्कर 10 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने। इसके साथ ही उन्होंने भारत-पाकिस्तान के मैचों में भी अंपायरिंग करते हुए कई अहम फैसले दिए।
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आर. राचमंद्र राव ने अपने करियर में कुल 5 लिस्ट-ए मैचों में भी अंपायरिंग की, जिसमें 3 वनडे मुकाबले भी शामिल रहे। 1987 में भारत और पाकिस्तान के बीच पुणे में खेला गया वनडे मुकाबला रामचंद्र राव के करियर का आखिरी मैच रहा। 11 जून, 2017 को 85 साल की उम्र में रामचंद्र दुनिया को अलविदा कह गए।