New Chandigarh: राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के विरुद्ध 97 रन की पारी खेली। सूर्यवंशी ने अपनी 'टीम-फर्स्ट' वाली सोच का श्रेय पिता को देते हुए कहा है कि अगर निजी उपलब्धियां टीम की जीत में योगदान नहीं देतीं, तो उनकी कोई खास अहमियत नहीं रहती।
निजी उपलब्धियों के बजाय टीम की सफलता को प्राथमिकता देने के बारे में बात करते हुए, वैभव ने कहा कि वह निजी रिकॉर्ड्स के बजाय टीम की जीत में किए गए योगदान को अधिक महत्व देते हैं।
वैभव ने 'जियो हॉटस्टार' से कहा, "बचपन से ही पिता ने मुझसे हमेशा कहा है कि अगर 100, 200 या 300 रन भी बना लो, लेकिन आपकी वजह से टीम न जीते, तो उन रनों की कोई अहमियत नहीं रहती। वे रन सिर्फ आपके निजी रिकॉर्ड के लिए हो सकते हैं, लेकिन उनसे टीम को कोई फायदा नहीं होता।"
वैभव एलिमिनेटर मैच में एसआरएच के खिलाफ शतक से सिर्फ 3 रन दूर रह गए थे। इस किशोर बल्लेबाज का मानना है कि टीम की जीत में 80 रनों की पारी खेलना, 100 रनों की पारी खेलने से कहीं ज्यादा बड़ी बात है।
उन्होंने कहा, "आखिरकार, क्रिकेट एक टीम गेम है। इसलिए, अगर मैं 100 के बजाय 80 रन बनाता हूं और मेरी टीम जीत जाती है। दूसरी तरफ, अगर 100 रन बनाने के बावजूद हम नहीं जीत पाते, तो मेरे लिए वे 80 रन, उन 100 रनों से कहीं ज्यादा मायने रखते हैं।"
इस युवा खिलाड़ी ने आगे कहा कि टूर्नामेंट में जितना आगे तक टीम जाती है, निजी सफलता के मौके भी उतने ही ज्यादा मिलते हैं। वैभव ने कहा, "मेरी टीम टूर्नामेंट में जितने ज्यादा समय तक बनी रहेगी, हम प्लेऑफ और फाइनल में जितने आगे तक जाएंगे, मुझे 100 रन बनाने और जो भी रिकॉर्ड मैं तोड़ना चाहता हूं, उन्हें तोड़ने के उतने ही अधिक मौके मिलेंगे। इसलिए, इससे मुझे निजी तौर पर भी फायदा होता है और टीम को भी।"
वैभव ने आईसीसी मेंस अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के ठीक एक दिन बाद ही प्रैक्टिस पर लौटने के बारे में बताया कि उनके पिता ने बचपन से ही उन्हें किस तरह अनुशासित रखा है। वैभव ने कहा, "यह सब मेरे पिता की वजह से है। बचपन से ही उन्होंने मुझसे इतनी प्रैक्टिस करवाई है कि अगर मैं एक दिन भी प्रैक्टिस न करूं, तो ऐसा लगता है जैसे मेरी जिंदगी थोड़ी धीमी पड़ गई हो। इसलिए, मुझे बहुत लंबे ब्रेक की जरूरत नहीं पड़ती; एक दिन ही काफी है।"
इस युवा खिलाड़ी ने आगे कहा कि टूर्नामेंट में जितना आगे तक टीम जाती है, निजी सफलता के मौके भी उतने ही ज्यादा मिलते हैं। वैभव ने कहा, "मेरी टीम टूर्नामेंट में जितने ज्यादा समय तक बनी रहेगी, हम प्लेऑफ और फाइनल में जितने आगे तक जाएंगे, मुझे 100 रन बनाने और जो भी रिकॉर्ड मैं तोड़ना चाहता हूं, उन्हें तोड़ने के उतने ही अधिक मौके मिलेंगे। इसलिए, इससे मुझे निजी तौर पर भी फायदा होता है और टीम को भी।"
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वैभव सूर्यवंशी इस सीजन 15 मुकाबलों में 45.33 की औसत के साथ 680 रन बना चुके हैं, जिसमें 2 शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 55 चौके और 65 छक्के निकले हैं। वैभव फिलहाल सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।