BCCI Naman Awards Ceremony: भारत की दिग्गज बल्लेबाज मिताली राज ने हाल ही में हुए सालाना नमन अवॉर्ड समारोह में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने के बाद महिला क्रिकेट में बदलाव लाने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की तारीफ की है।
मिताली ने 2022 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। उस समय वह महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। उन्होंने अपने 23 साल के करियर में भारत के लिए 12 टेस्ट, 232 वनडे और 89 टी20 मैच खेले।
बीसीसीआई द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर शेयर किए गए वीडियो में मिताली ने कहा, "मुझे लगता है कि बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्होंने मेरे करियर में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है, सिर्फ मेरे माता-पिता ही नहीं। जाहिर तौर पर मुझे दूसरे कोच, खिलाड़ियों और कई मेंटर्स से भी बहुत सपोर्ट मिला है।"
मिताली ने महिला क्रिकेट में आए बदलावों के लिए बीसीसीआई की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "मैंने एक खेल के तौर पर महिला क्रिकेट में आए बदलाव को देखा है और बहुत से लोग हैं, जिनका जिक्र करना जरूरी है। बीसीसीआई ने इसमें बहुत अहम भूमिका निभाई है। बीसीसीआई और जय शाह ने काफी सपोर्ट किया। पिछले चार से पांच वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बहुत बड़ा बदलाव आया है और यह सब एक इंसान की वजह से हुआ है।"
मिताली ने जय शाह की प्रशंसा करते हुए कहा, "जिस तरह की उनकी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता है, सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में भी उन्होंने महिला क्रिकेट की पहचान को बेहतर बनाने और उसे बढ़ावा देने के लिए बहुत मेहनत की है। इससे पता चलता है कि वह दूरदर्शी हैं और इस काम के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं, और आप इसके नतीजे देख ही सकते हैं।"
मिताली ने महिला क्रिकेट में आए बदलावों के लिए बीसीसीआई की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "मैंने एक खेल के तौर पर महिला क्रिकेट में आए बदलाव को देखा है और बहुत से लोग हैं, जिनका जिक्र करना जरूरी है। बीसीसीआई ने इसमें बहुत अहम भूमिका निभाई है। बीसीसीआई और जय शाह ने काफी सपोर्ट किया। पिछले चार से पांच वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बहुत बड़ा बदलाव आया है और यह सब एक इंसान की वजह से हुआ है।"
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उन्होंने यह भी बताया कि अपने खेलने के दिनों में जब वह दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ से मिलती थीं, तो उनसे प्रेरणा लेती थीं। खैर, मुझे लगता है कि हर चीज में समय लगता है। महिला क्रिकेट का भी अपना एक सफर रहा है और पुरुष क्रिकेट का भी। हालांकि, हमने पुरुष क्रिकेटरों से बहुत प्रेरणा ली है। मैंने राहुल और सचिन से काफी प्रेरणा ली है। मैं जब उनसे एनसीए में मिलती थी, तो हमेशा खेल और बैटिंग को लेकर काफी बातें करती थी, और मेरे करियर के दौरान उनकी सलाह और सुझाव काफी काम भी आए। मुझे लगता है कि पुरुषों और महिलाओं के बीच इस तरह की बातचीत से महिला क्रिकेटरों को बहुत मदद मिलती है, क्योंकि हम हमेशा पुरुष क्रिकेट के स्तर तक पहुंचने की कोशिश करते रहते हैं।