भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने क्रिकेटरों से अपील की है कि वे दूसरे खेलों को बढ़ावा देने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अलग-अलग खेलों के भारतीय खिलाड़ी एक ही राष्ट्रीय खेल इकोसिस्टम का हिस्सा हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर 'आईएएनएस' से बात करते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि यह दिन उन मूल्यों की याद दिलाता है जो खेल सिखाते हैं और भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ आने वाली जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है। सूर्यकुमार ने कहा, "मुझे लगता है कि राष्ट्रीय खेल दिवस का मतलब है कि खेल आपको क्या सिखाते हैं। क्रिकेट के नजरिए से देखें तो भारतीय जर्सी पहनना बहुत मायने रखता है। हम सिर्फ 11 खिलाड़ियों या स्क्वाड के 15 खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व नहीं करते, हम लगभग 1.4 अरब लोगों के सपनों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।"
भारत के इस खिलाड़ी ने कहा कि राष्ट्रीय जर्सी में हर बार मैदान पर उतरने के साथ पूरे देश की उम्मीदें और आकांक्षाएं जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा, "यह दिन मुझे याद दिलाता है कि जब भी हम मैदान पर कदम रखते हैं, तो हम अपने पूरे देश की भावना को साथ लेकर चलते हैं।"
सूर्यकुमार ने भारत में क्रिकेट की जबरदस्त लोकप्रियता को भी माना, लेकिन कहा कि इसके दबदबे के साथ दूसरे खेलों के खिलाड़ियों पर भी ध्यान दिलाने की जिम्मेदारी आती है। उन्होंने कहा, "बिल्कुल। मैं बहुत आभार के साथ यह कहता हूं कि भारत में खेलों की बातचीत में क्रिकेट का दबदबा है। हालांकि, साथ ही क्रिकेट ने हमें सब कुछ दिया है क्योंकि भारत ने क्रिकेट को बहुत प्यार दिया है।"
भारत के इस खिलाड़ी ने कहा कि राष्ट्रीय जर्सी में हर बार मैदान पर उतरने के साथ पूरे देश की उम्मीदें और आकांक्षाएं जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा, "यह दिन मुझे याद दिलाता है कि जब भी हम मैदान पर कदम रखते हैं, तो हम अपने पूरे देश की भावना को साथ लेकर चलते हैं।"
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35 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने साथी क्रिकेटरों से दूसरे खेलों के खिलाड़ियों का सक्रिय रूप से समर्थन करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि खेल में सफलता आखिरकार एक ही राष्ट्रीय मकसद को पूरा करती है। सूर्यकुमार ने कहा, "हमें निश्चित रूप से ऐसा करना चाहिए क्योंकि आखिरकार, हम सब सबसे पहले टीम इंडिया हैं।"