भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन अक्सर बल्लेबाजों को नॉन स्ट्राइकर छोर पर मांकड करने के लिए जाने जाते हैं। वो अक्सर कई मौकों पर ऐसा कर चुके हैं लेकिन रविवार, 28 जुलाई को डिंडीगुल के एनपीआर कॉलेज ग्राउंड में जब वो तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) 2024 के 28वें मैच में खेल रहे थे तो उन्हें उन्हीं की दवाई का स्वाद चखना पड़ा।

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दरअसल, हुआ ये कि मैच के दौरान जब अश्विन बल्लेबाजी कर रहे थे तो वो नॉन स्ट्राइकर छोर पर बॉलर के बॉल डालने से पहले ही क्रीज से बाहर चले गए जिसके चलते बॉलर ने उन्हें मांकड करने से पहले वॉर्निंग दे दी। ये घटना मैच की पहली पारी के दौरान हुई जब बाएं हाथ के स्पिनर मोहन प्रसाद पारी का 15वां ओवर फेंकने आए।

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इस ओवर में गेंद डालने से पहले ही वो थोड़ा रुक गए। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्होंने देखा कि अश्विन बॉल डालने से पहले ही क्रीज छोड़ रहे हैं। गेंदबाज को रुकते देख अश्विन ने तुरंत अपनी हरकत रोक दी। रीप्ले से पता चला कि ऑलराउंडर का बल्ला क्रीज पर था और अगर गेंदबाज ने बेल्स हटा दी होती तो उन्हें आउट करार दे दिया जाता।

आपको बता दें कि अश्विन को क्रिकेट जगत में नॉन-स्ट्राइकर रन आउट करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2019 के दौरान इसी तरह से जोस बटलर को आउट किया था। इससे पहले, अश्विन ने 2012 में वनडे मैच के दौरान श्रीलंका के लाहिरू थिरिमाने को भी क्रीज़ से बहुत दूर जाने के लिए आउट किया था। हालांकि, उस मैच में भारत की कप्तानी कर रहे वीरेंद्र सहवाग ने अपील वापस ले ली थी। एमसीसी ने भी 2022 में आउट होने के इस तरीके को हटा दिया और इसे नियम 41 (अनुचित खेल) से नियम 38 (रन आउट) में बदल दिया। तब से, बल्लेबाज इस बात का ध्यान रखते हैं कि जब गेंदबाज अपनी लय में हो तो क्रीज जल्दी न छोड़ें।

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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