विराट कोहली ने बतौर बल्लेबाज काफी कुछ हासिल किया है। वह जब बल्लेबाजी करते हैं, कमेंटेटर से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञ भी उनको शॉट्स की तारीफ करते हैं पर जब वनडे और टी20 में कप्तानी की बात आती है खासतौर पर बड़े टूर्नामेंट में तो उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है।

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कोहली की सबसे बड़ी आलोचनाओं में से एक उनकी निर्णय लेने की रही है जिसने आईसीसी आयोजनों में या आईपीएल में भी उनकी टीम के अभियान के परिणाम को तय करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। एक बल्लेबाज के रूप में अपनी सभी शानदार सफलता के लिए 32 वर्षीय कोहली कभी भी सफेद गेंद वाले क्रिकेट में कप्तानी की कला में महारत हासिल करने का दावा नहीं कर सकते।

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कोहली ने सोमवार को बतौर कप्तान रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के लिए अपना आखिरी मैच खेला। आरसीबी शारजाह में आईपीएल 2021 के एलिमिनेटर में कोलकाता नाइट राइडर्स से एक करीबी मुकाबला हार गया, जिससे कोहली की कप्तानी में आरसीबी की कप जीतने की उम्मीद खत्म हो गई।

मैच की शुरुआत से ही कोहली आलोचकों के निशाने पर आ गए थे, कोहली ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने के उनके फैसले पर सवाल उठाया गया था।

इससे पहले इंडियन प्रीमियर लीग के दूसरे चरण के शरुआत में 32 वर्षीय बल्लेबाज ने सीजन के अंत तक कप्तानी की जिम्मेदारी छोड़ने के अपने फैसले की घोषणा की थी।

आरसीबी के कप्तान के रूप में अपने आखिरी मैच में, विराट फिर से 33 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 39 रन बनाकर आए और उनकी पारी तब समाप्त हुई जब उन्हें सुनील नरेन ने क्लीन बोल्ड किया।

 
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कोहली ने मैच के बाद कहा, पिछले सीजन में आरसीबी कप्तान के रूप में मैंने एक ऐसी संस्कृति बनाने की पूरी कोशिश की है जहां युवा आकर अपना स्वाभाविक क्रिकेट खेल सकें। यह कुछ ऐसा है जिसे मैंने भारतीय टीम के स्तर पर भी करने की कोशिश की है। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है।

मैंने इस फ्रेंचाइजी को अपना 120 प्रतिशत दिया है और इसे मैदान पर एक खिलाड़ी के रूप में देना जारी रखूंगा। यह अगले तीन वर्षों के लिए फ्रेंचाइजी को फिर से संगठित करने और पुनर्गठन करने का एक अच्छा समय है। मैं निश्चित रूप से आरसीबी के लिए खेलूंगा। मेरे लिए वफादारी मायने रखती है और मेरी प्रतिबद्धता आईपीएल खेलने के आखिरी दिन तक इस फ्रेंचाइजी के साथ है।

विराट ने बतौर बल्लेबाज आरसीबी के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया है, लेकिन बतौर कप्तान वह टीम के लिए एक भी खिताब नहीं जीत सके। उन्हें 2011 में न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी के बाद टीम का कप्तान बनाया गया था। तब से, उन्होंने 11 सीजन में टीम की कप्तानी की लेकिन टीम चैंपियन नहीं बन सकी और कोहली को निश्चित रूप से इससे दुख होगा।

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विराट की कप्तानी में आरसीबी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2016 में था जब टीम उपविजेता बनी थी और उस सीजन के दौरान कोहली ने चार शतकों के साथ 900 से अधिक रन बनाए थे।

उनकी कप्तानी में आरसीबी ने आईपीएल में कुल 140 मैच खेले हैं, जिसमें टीम ने 64 मैच जीते हैं और 69 हारे हैं।

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विराट की बदकिस्मती सिर्फ आईपीएल तक ही सीमित नहीं है। उनकी कप्तानी में, भारत 2017 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, 2019 आईसीसी विश्व कप सेमीफाइनल और फिर 2021 में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में हार गया।

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