विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने बीसीसीआई के रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम पर सवाल उठाए हैं और न्यूजीलैंड में तेज गेंदबाजी विकल्पों की कमी को उजागर किया है। राजकुमार शर्मा का मानना है कि टीम इंडिया के पास पिछले साल तक 8-10 तेज गेंदबाजों का पूल था, लेकिन अब सब के सब गायब हैं।

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राजकुमार शर्मा ने अफसोस जताया कि उनमें से ज्यादातर या तो चोटिल हैं या फिटनेस की समस्या से जूझ रहे हैं। भारतीय टीम ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में केवल तीन तेज गेंदबाजी विकल्पों के साथ गई था। उनमें से दो, उमरान मलिक और अर्शदीप सिंह, डेब्यूटेंट थे। इसके अलावा टीम इंडिया के लिए तीसरे तेज गेंदबाजी विकल्प शार्दुल ठाकुर भी महंगे साबित हुए. उन्होंने नौ ओवर में केवल एक विकेट लेते हुए 63 रन दिए।

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इंडिया न्यूज पर बात करते हुए राजकुमार शर्मा ने कहा, 'पिछले साल तक 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाज कहां गायब हो गए? हमने उन्हें संरक्षित और रोटेट क्यों नहीं किया? हमने उन्हें प्रबंधित क्यों नहीं किया? ऐसा नहीं है कि उन्होंने भारत छोड़ दिया है। वो अभी भी यहीं हैं लेकिन घायल हैं। हमारा रिहैब काम क्यों नहीं कर रहा है? हमें अचानक तेज गेंदबाजों की तलाश में क्यों भटकना पड़ रहा है?"

राजकुमार शर्मा के सुर में सुर मिलाते हुए सबा करीम ने भी बीसीसीआई को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'अगर हम खिलाड़ियों के कार्यभार प्रबंधन पर ध्यान दे रहे हैं तो इतने सारे तेज गेंदबाज चोटिल क्यों हो रहे हैं? जरूर कहीं कुछ गलत हो रहा है। ये पहले नहीं हो रहा था। अब उपलब्ध संसाधनों के बीच, मैं चाहता हूं कि दीपक चाहर खेलें। चाहर और शार्दुल ठाकुर में से आप ओपनिंग गेंदबाज़ के रूप में चाहर को तरजीह देंगे। चाहर बल्ले से भी काम कर सकते हैं। ठाकुर को प्लेइंग इलेवन में जगह देना एक रक्षात्मक कदम है।”

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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