25 मार्च 1992 का दिन पाकिस्तानी क्रिकेट के इतिहास का एक ऐसा दिन जब पाकिस्तान वर्ल्ड चैम्पियन बनकर क्रिकेट के स्वर्णिम पलों में शुमार हो गया था। इमरान खान की कप्तानी वाली पाकिस्तान की टीम ने 1992 का वर्ल्ड कप जीतकर पूरे विश्व में अपने खेल का डंका बजा दिया था। 

इंग्लैंड के साथ हुए वर्ल्ड कप 1992 के फाइनल में पाकिस्तान की टीम ने जो असाधारण प्रदर्शन किया था वो आज भी पाकिस्तान क्रिकेट के प्रशंसकों के दिल में ताजा है । 

1992 वर्ल्ड कप का फाइनल पाकिस्तानी बायें हाथ के तेज गेंदबाज वसीम अकरम के लिए सबसे यादगार मैच था। वसीम अकरम की स्विंग लेती गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी। ऑस्ट्रेलिया के एतेहासिक मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर हुए डे नाइट मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान इमरान खान,जावेद मियांदाद और इंजमाम-उल–हक के बेहतरीन पारियों के बदौलत पाकिस्तान की टीम 200 रन के पार पहुंची थी। अंतिम ओवरों में वसीम अकरम के तेजी से बनाए गए 33 रनों के बदौलत पाकिस्तान की टीम ने इंग्लैंड के सामने 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 249 रन बना लिए थे। 

इंग्लैंड के कप्तान इयान बॉथम और ग्राहम गूच इंग्लैंड की पारी की शुरूआत करने के लिए मैदान पर आए थे पर इंग्लैंड पारी के 6 रन ही बने थे कि पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने अंग्रेज कप्तान बॉथम को अपनी एक जादुई गेंद पर विकेट के पीछे मोइन खान के हाथों कैच करा दिया था। वसीम ने बॉथम को खाता भी खोलने नहीं दिया था। वसीम अकरम 1992 वर्ल्ड कप में अपने गेंदबाजी के चरम फॉर्म में थे। इसका ही कारण था कि 1992 वर्ल्ड कप में अकरम की बेहतरीन स्विंग गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड बल्लेबाजी चरमरा गई थी। शुरूआत में पारी लड़खड़ाने के बाद फैयरब्रदर और एलन लैंब की जोड़ा ने इंग्लैंड की पारी संभाली औऱ पांचवें के लिए दोनों बल्लेबाजों ने 72 रनों की पार्टनरशिप कर दी । ऐसा लग रहा था कि फैयरब्रदर और एलन लैंब आसानी से इंग्लैंड को जीत के दरवाजे पर पहुंचा देगें। लेकिन मैच में तो अभी चमत्कार होना बाकि था। 34वें ओवर के बाद पाकिस्तानी कप्तान इमरान खान ने गेंद वसीम अकरम के हाथ में थमाई । इंग्लैंड की टीम का स्कोर उस समय तक 4 विकेट पर 141 रन था। एलन लैंब 31 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।


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35वें ओवर की शुरूआत अकरम ने राउंड द विकेट गेंदबाजी करते हुए की । लैंब को अपनी एक बेहद ही उम्दा स्विंग गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया । लैंब को अकरम की स्विंग गेंद समझ में ही नहीं आई , उनकों विश्वास ही नहीं हो पा रहा था कि वो क्लीन बोल्ड हो गए हैं । लैंब के बाद बल्लेबाजी करने आए क्रिस लुईस को भी अगली गेंद पर अकरम ने बोल्ड कर दिया था। अकरम की उस मैजिकल रिवर्स स्विंग गेंद को लुईस खेलने के क्रम में अच्छी तरह से निर्णय ही नहीं कर पाए थे कि गेंद ऑफ स्टंप से बाहर जाएगी या नहीं। इसी चक्कर में अकरम की हैरान करने वाली गेंद लुईस के बल्ले का किनारा लेती हुई ऑफ स्टंप ले उड़ी । 1992 वर्ल्ड कप में अपनी 3 मैजिक गेंद पर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर अकरम ने पाकिस्तान को पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने की राह को आसान बना दिया था। लगातार 2 गेंद पर 2 विकेट लेकर वसीम अकरम ने पाकिस्तान के लिए इतिहास लिख दिया था। अकरम के दिए दो झटकों के बाद इंग्लैंड की टीम फिर ऊबर नहीं पाई. पूरी इंग्लैंड टीम 227 रनों पर ढ़ेर हो गई और पाकिस्तान 1992 वर्ल्ड कप पर अपना कब्जा कर लिया था।

वसीम अकरम ने 1992 वर्ल्ड कप में बेहतरीन रिवर्स स्विंग गेंदबाजी की शानदार मिशाल कायम की थी। अकरम के द्वारा की गई 3 गेंद जो आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जहन में जिंदा है। 

विशाल भगत/CRICKETNMORE

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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