भारत की सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर की समस्या एक बार फिर चर्चा में है। नितीश कुमार रेड्डी के चोटिल होकर आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से बाहर होने के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने टीम इंडिया के खेमे के लिए चिंता जाहिर की है।
भारतीय टीम के लिए तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर हमेशा से एक बेहद अहम लेकिन मुश्किल भूमिका रहे हैं। अब नितीश कुमार रेड्डी के एक बार फिर चोटिल होने के बाद यह बहस फिर शुरू हो गई है कि क्या टीम इंडिया के पास 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।
इसी बीच अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा कि भारत के सभी मीडियम पेस ऑलराउंडर्स पर "Fragile" यानी "सावधानी से संभालें" का स्टिकर लगा देना चाहिए। उन्होंने हार्दिक पांड्या और नितीश कुमार रेड्डी का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ी लगातार चोटों से जूझते रहे हैं।
आकाश चोपड़ा ने कहा, "नितीश कुमार रेड्डी एक बार फिर चोटिल हो गए हैं। सिर्फ उन्हीं पर नहीं, बल्कि सभी मीडियम पेस ऑलराउंडर्स पर 'Fragile' का स्टिकर लगाना चाहिए। हार्दिक पांड्या लंबे समय से नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहे हैं। हमें नहीं पता कि वह कब उपलब्ध होंगे। नितीश भी बीच-बीच में ही टीम का हिस्सा बन पाते हैं। ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप के बारे में सोचकर चिंता होना स्वाभाविक है क्योंकि इस भूमिका के लिए ज्यादा विकल्प नहीं हैं।"
नितीश की गैरमौजूदगी में भारतीय चयनकर्ताओं ने सूर्यांश शेडगे को टीम में शामिल किया है। शेडगे ने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और इंडिया ए के लिए हाल के महीनों में शानदार प्रदर्शन किया है। आकाश चोपड़ा का मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में शेडगे जैसे खिलाड़ी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं और उन्हें मौके मिलने चाहिए।।
Also Read: LIVE Cricket Score
2027 वनडे वर्ल्ड कप अभी दूर है, लेकिन नितीश कुमार रेड्डी की ताजा चोट और हार्दिक पांड्या की फिटनेस को लेकर अनिश्चितता ने टीम इंडिया की ऑलराउंडर गहराई पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। ऐसे में आने वाले समय में चयनकर्ताओं को निश्चित तौर पर ऐसे खिलाड़ियों पर नजर रखनी चाहिए जो बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देने के साथ-साथ फिट भी रह सकें।