भारत के दिग्गज बल्लेबाज अंजिक्य रहाणे (Ajinkya Rahane Best Test Knocks) ने गुरुवार (30 जुलाई) को इंटरनेशऩल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी। भारत के लिए उन्होंने 85 टेस्ट की 144 पारियों में 38.46 की औसत से 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक जड़े। आइए जानते हैं टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए खेली गई उनकी कुछ बेस्ट पारियों के बारे में।
147 बनाम ऑस्ट्रेलिया (मेलबर्न, 2014)
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर भारत की स्थिति मुश्किल में थी, तभी अजिंक्य रहाणे ने क्रीज पर आकर ऑस्ट्रेलिया के तेज आक्रमण पर जोरदार पलटवार किया। रहाणे ने मिचेल जॉनसन, जोश हेजलवुड और रयान हैरिस जैसे घातक गेंदबाजों का डटकर सामना करते हुए सिर्फ 171 गेंदों में शानदार 147 रन बनाए। उन्होंने विराट कोहली के साथ 262 रनों की यादगार साझेदारी की, जिसने भारतीय पारी की दिशा ही बदल दी।
दूसरी पारी में भी रहाणे ने 48 रनों की अहम पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत मैच ड्रॉ कराने में सफल रहा। उनकी 147 रनों की यह पारी आज भी विदेशी सरजमीं पर किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा खेली गई बेस्ट टेस्ट शतकीय पारियों में गिनी जाती है।
188 बनाम न्यूजीलैंड (इंदौर , 2016)
भारत के 100 रन पर तीन विकेट गिर चुके थे, तभी रहाणे ने मोर्चा संभाला और अपने टेस्ट करियर की सबसे बड़ी पारी खेली। उन्होंने शानदार 188 रन बनाए और विराट कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए तब की रिकॉर्ड 365 रनों की साझेदारी की, जिसने न्यूजीलैंड को मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया।
रहाणे ने छह घंटे से अधिक समय तक बल्लेबाजी करते हुए 381 गेंदों का सामना किया। उनकी यादगार पारी में 18 चौके और 4 छक्के शामिल थे। धैर्य और आकर्षक शॉट्स का बेहतरीन मिश्रण उनकी इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रहा। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 557 रन बनाकर पारी घोषित की और इसके बाद शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज अपने नाम कर ली।
103 बनाम इंग्लैंड (लॉर्ड्स, 2014)
पहली पारी में भारतीय टीम का स्कोर 7 विकेट के नुकसान पर 145 रन था और टीम मुश्किल में फंस गई थी। ऐसे कठिन समय में रहाणे ने धैर्य और संयम का शानदार परिचय देते हुए यादगार शतक जड़ा। इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी कर भारत को 295 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
रहाणे की इस बेहतरीन पारी ने उन्हें क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड में जगह दिलाई। उनकी यह पारी मैच का सबसे बड़ा अंतर साबित हुई, क्योंकि इसके दम पर भारत ने 'होम ऑफ क्रिकेट' लॉर्ड्स में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिसे भारतीय टेस्ट क्रिकेट की सबसे यादगार सफलताओं में गिना जाता है।
112 बनाम ऑस्ट्रेलिया (मेलबर्न,2020)
एडिलेड टेस्ट में सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट होने की निराशा और विराट कोहली की गैरमौजूदगी के बीच अजिंक्य रहाणे ने कप्तान के तौर पर ऐसी पारी खेली, जिसने पूरी सीरीज का रुख बदल दिया। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की चुनौतीपूर्ण पिच पर उन्होंने धैर्य और संयम के साथ शानदार 112 रन बनाए और भारत को पहली पारी में 131 रनों की अहम बढ़त दिलाई।
रहाणे के इस शतक ने न केवल टीम का आत्मविश्वास लौटाया, बल्कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत की वापसी की नींव भी रखी। उनकी कप्तानी और यह यादगार पारी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे महान विदेशी टेस्ट जीतों में से एक की पहचान बन गई और आज भी इसे भारत की बेस्ट टेस्ट पारियों में गिना जाता है।
89 बनाम ऑस्ट्रेलिया, WTC फाइनल (द ओवल, 2023)
लंबे समय बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले रहाणे ने आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2023 फाइनल में द ओवल के मैदान पर अपनी सबसे शानदार पारियों में से एक खेली। ऑस्ट्रेलिया के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने धैर्य और शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए रहाणे ने 89 रन बनाए।
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रहाणे अपने शतक से महज 11 रन दूर थे, लेकिन कैमरून ग्रीन के शानदार कैच की बदौलत उनकी पारी का अंत हो गया। हालांकि भारत यह फाइनल ऑस्ट्रेलिया से हार गया, लेकिन पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, स्कॉट बोलैंड और नाथन लियोन जैसे वर्ल्ड क्लास गेंदबाजों के खिलाफ खेली गई रहाणे की यह पारी टेस्ट क्रिकेट में उनके सबसे महत्वपूर्ण और यादगार योगदानों में से एक मानी जाती है।