टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाला पहला खिलाड़ी, जो पूरी जिंदगी बीमारी से रहा जूझता
टेस्ट क्रिकेट में शतक बनाना एक सराहनीय उपलब्धि है। टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों को 1-1 रन बनाने के लिए मैदान पर संघर्ष करना पड़ता है। टेस्ट क्रिकेट में शतक का मतलब है कि बल्लेबाज लगभग हर पहलू पर खरा उतरा है और उसने अपनी क्षमता को साबित किया है।
टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा 51 शतक दर्ज हैं। सचिन का नाम तो सभी जानते हैं लेकिन उस खिलाड़ी का नाम बहुत कम लोग जानते हैं जिसने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहला शतक लगाया था। CRICKETNMORE इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपके मन में उठ रहे तमाम सवालों का जवाब देगा।
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने 144 साल पहले क्रिकेट के इतिहास का पहला टेस्ट मैच खेला था। 15 मार्च 1877 को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर खेले गए इस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स बैनरमैन ने अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया था। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर चार्ल्स बैनरमैन ही वो खिलाड़ी हैं जिनके नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का पहला शतक दर्ज है।
चार्ल्स बैनरमैन उस मैच में ओपनिंग करने के लिए आए थे। बैनरमैन ने डेब्यू मैच में ही नाबाद 165 रनों की पारी खेली थी। वह उंगली में चोट लगने की वजह से रिटायर्ड हर्ट हुए थे। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 245 रन बनाए थे जिसमें अकेले चार्ल्स बैनरमैन ने 165 रन किए थे। यह टेस्ट मैच 15 से 19 मार्च तक चला था। शुरुआती 3 दिन के खेल के बाद चौथे दिन रविवार को रेस्ट डे रखा गया। इसके बाद पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया ने इस टेस्ट मैच को जीतने में कामयाबी पाई थी।
चार्ल्स बैनरमैन अपनी पूरी जिंदगी बीमारी से जूझते रहे थे जिसके चलते उनका करियर महज 3 टेस्ट मैचों का रहा। पहले टेस्ट की दोनों पारियों में 165 और 4 रन बनाने के बाद मेलबर्न में ही खेले गए दो टेस्ट मैचों में चार्ल्स बैनरमैन कुछ खास नहीं कर सके और 10, 30, 15 और 15* रन ही बना पाए थे।