गुजरात के बरोदा में 19 दिसंबर 1969 को जन्में पूर्व भारतीय क्रिकेटर नयन मोंगिया बेहतरीन विकेटकीपर में से एक रहे चुके हैं। आज उनका जन्मदिन है और वो 46 साल के हो जाएंगे। आईए जानते हैं नयन मोंगिया से जुड़ी कुछ रोचक बातें।

  • नयन मोंगिया का पूरा नाम नयन रामलाल मोंगिया है जिन्होंने अपने पूरे करियर में 44 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 1442 रन बनाने के अलावा उनका सर्वाधिक स्कोर 152 रहा है। अपने टेस्ट करियर में मोंगिया ने एक शतक और 6 अर्धशतक जमाए हैं।

 

  • मोंगिया ने 140 वन-डे मैच खेले हैं जिनमें 1272 रन बनाए हैं। उनका सर्वाधिक स्कोर 69 रहा है। वन-डे में केवल दो अर्धशतक जमाए हैं।

 

  • साल 1989 में सौराष्ट्र के खिलाफ मोंगिया ने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू मैच खेला था जहां उन्होंने एक कैच लेने के अलावा आठवें नं पर बल्लेबाजी करते हुए बिना कोई रन बनाकर आउट हो गए थे।

 

  • 1994 में 18-22 जनवरी तक लखनऊ में खेले गए भारत और श्रीलंका के टेस्ट मैच में नयन मोंगिया ने करियर का डेब्यू मैच खेला था तो वहीं 15 फरवरी 1994 को राजकोट में श्रीलंका के खिलाफ वन-डे मैच में डेब्यू किया था।

 

  • साल 1994 में भारत और वेस्ट इंडीज के बीच वन-डे मैच में एक बेहद ही चौकानें वाला वाक्या घटा जब मनोज प्रभाकर और नयन मोंगिया ने खेले जा रहे मैच को बीच में ही छोड़ने का फैसला कर लिया था। उस मैच के दौरान हुआ यूं था कि भारत को जीत के लिए 54 गेंद पर 63 रनों की जरूरत थी। उस वक्त मैदान पर मनोज प्रभाकर 102 रन बनाकर मैदान पर बल्लेबाजी कर रहे थे तो वहीं दूसरे छोड़ पर नयन मोंगिया 21 गेंदों पर 4 रन बनाकर खेल रहे थे। मैच के दौरान मनोज प्रभाकर को छोड़कर बांकी के सभी बल्लेबाज बेहद ही खराब शॉट खेलकर आउट हो गए थे जिससे प्रभाकर इतने खफा हुए कि उन्होंने नयन मोंगिया के साथ मिलकर आगे खेलने से मना कर दिया। इस फैसले के बाद दोनों खिलाड़ियों पर क्रिकेट बोर्ड में आगे के मैचों के लिए दोनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस मैच में घटे बेहद ही शर्मनाक घटना के कारण आईसीसी ने मैच फीक्सिंग के घेरे में रखकर जांज किया गया। 

 

  • साल 1996 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दिल्ली में टेस्ट मैच होने थे जिसके लिए भारत ने रणनीति के तहत तीन स्पिनर्स को खिलाय़ा जिससे पहली बार मोंगिया से ओपनिंग कराया गया। ओपनिंग करते हुए मोंगिया ने कमाल की बल्लेबाजी करी औऱ 152 रन बनाकर टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। मोंगिया अपने इस पारी को टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ पारी मानते हैं।

 

  • मोंगिया के नाम टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा कैच लपकने का एक अनोखा रिकार्ड है। साल 1996 में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच डर्बन में खेले गए मैच में मोंगिया ने आठ कैच लपके थे। साथ ही साल 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच कोलकाता में खेले गए टेस्ट मैच में एक बार फिर मोंगिया ने 8 कैच लिए। रोचक बात ये रहा कि दोनों दफा दूर्भाग्यवश भारत को हार का सामना करना पड़ा था। वन-डे करियर में मौंगिया ने तीन बार एक मैच में पांच कैच लपकने का कारनामा किया है।

 

  • खेल से संन्यास लेने के बाद नयन मोगिंया ने कुछ टीवी चैनल में बतौर क्रिकेट एक्सपर्ट काम किया है। आजकल वो एक बड़े स्पोर्ट्स चैनल में क्रिकेट एक्सपर्ट की भूमिका बखुबी निभा रहे हैं।

 

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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