By RK Agarwal

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क्रिकेट के सबसे लंबे और पुराने फॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट को रोमांचक बनाने के लिए समय-समय पर कई एतेहासिक बदलाव होते रहे हैं, जिसमें डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस), बाउंसर का नियम, डे-नाइट टेस्ट और कॉनकशन सब्सीट्यूट का नियम शामिल हैं। अब एक औऱ नया बदलाव चर्चा में है जो है टेस्ट मैच का समय पांच दिन से घटाकर चार दिन का करने का।

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इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की क्रिकेट समिति 2023-2031 सत्र के दौरान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मैचों को औपचारिक रूप से 5 की जगह 4 दिन का करने पर विचार कर रही है। जिससे व्यस्त कार्यक्रम में समय की बचत की जा सके।

यह आश्चर्यजनक नहीं है कि इसके समर्थक वो हैं जो इस खेल को चलाते हैं और खिलाफ वो हैं जो खेल खेलते हैं। आइए नजर डालते है 5 या कम दिन में टीमों द्वारा जीते गए टेस्ट मैचों आंकड़ों पर। (यह आंकड़े 1 जनवरी 2010 से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक के हैं)

टीम

5 दिन

4 दिन

3 दिन

2 दिन

कुल

अफगानिस्तान

1

1

0

0

2

ऑस्ट्रेलिया

25

24

8

0

57

बांग्लादेश

5

1

4

0

10

इंग्लैंड

21

25

11

0

57

भारत

22

23

10

1

56

आयरलैंड

0

0

0

0

0

न्यूजीलैंड

17

13

2

0

33

साउथ अफ्रीका

12

23

9

1

45

श्रीलंका

16

10

5

0

31

वेस्टइंडीज

10

5

7

0

22

जिम्बाब्वे

2

2

0

0

4

कुल

149

140

58

2

349

5 दिन में जीत.            – 149/349 (42.7%)

4 या कम दिन में जीत – 200/349 (57.7%)

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टॉप तीन टीमें

  • ऑस्ट्रेलिया: कुल 57 मैच जीते,जिसमें 32 मुकाबले 4 या कम दिन में जीते (56.1%)
  • इंग्लैंड: कुल 57 मैच जीते,जिसमें से 36 मुकाबले 4 या कम दिन में जीते (63.1%)
  • भारत: कुल 56 मैच जीते, जिसें 34 मुकाबले 4 या कम दिन में जीते (60.7%)
 

वनडे और टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट के आने के बाद भी टेस्ट क्रिकेट अभी भी क्रिकेट फैंस के दिल के करीब है। जो लोग 4 दिन के टेस्ट मैच के समर्थन में हैं। उनके अनुसार इससे क्यूरेटर ऐसी पिच बनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे जिसपर परिणाम निकले, ना कि सुस्त औऱ ड्रॉ मैच हों। साथ ही इससे खिलाड़ियों का वर्कलोड भी काफी कम हो जाएगा।

अगर एक टीम एक साल में 15 टेस्ट मैच खेलती है तो उसके शेड्यूल में 15 दिन बचेंगे। अगर मैच 4 दिन के अंदर खत्म होगा तो कम पैसा खर्च होगा। हालांकि इससे ब्रॉडकास्टर की विज्ञापन से होने वाली कमाई पर असर पड़ेगा।

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जो इसके समर्थन में नहीं है उनके अनुसार यह एक विस्तारित लिमिटेड ओवर खेल बन जाएगा। जो एक दिन बचेगा उसमें क्रिकेट बोर्ड अतिरिक्त वनडे या टी-20 मैच कराना चाहेंगे। तो शेड्यूल लिमिटेड ओवर मुकाबलों से ओवरलोड हो जाएगा। 4 दिन के टेस्ट में कम तैयार हुई पिचों का भी जोखिम रहेगा, जिसके परिणामस्वरूप खिलाड़ियों को चोट भी लग सकती है।

इतिहास गवाह रहा है क्रिकेट की प्रवृत्ति का, पहले प्रस्तावों को नकारना और फिर दिल से उसे स्वीकार करना, टी-20 औऱ डीआरएस इसके उदाहरण हैं।


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RK Agarwal

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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