Ben Stokes Retirement: न्यूजीलैंड के विरुद्ध पिछले दिनों खेली सीरीज में लॉर्ड्स टेस्ट के बाद बेन स्टोक्स देर रात की एक बहस और टीम कर्फ्यू तोड़ने के विवाद में फंसे पर नॉटिंघम में सीरीज के तीसरे टेस्ट के लिए टीम में लौट आए और कप्तानी भी संभाली तो किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे क्या होने वाला है? दुर्भाग्य से ये उनका आखिरी टेस्ट साबित हुआ और बेन स्टोक्स ने ट्रेंट ब्रिज में एक सेशन के खेल के बीच ही रिटायर होने की घोषणा कर दी। एक योद्धा, पर साथ में एक शोमैन भी थे स्टोक्स और अब इंटरनेशनल क्रिकेट में कभी नहीं दिखाई देंगे। बड़ी चर्चा हुई कि वे यू-टर्न ले सकते हैं पर हाल फिलहाल उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है, यहां तक कि अगले साल की एशेज़ सीरीज़ के लिए भी नहीं।

क्रिकेट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर में से एक थे स्टोक्स। फॉर्म के नजरिए से 2020 उनका सबसे अच्छा साल था क्योंकि 50+ की औसत से रन बनाए और 18 की औसत से विकेट लिए पर वे सबसे ज्यादा याद किए जाते हैं 2019 के दो बेहद यादगार पल के लिए: 2019 वर्ल्ड कप फ़ाइनल और हेडिंग्ले में सनसनीखेज चेज़ (एशेज में 100)। उस साल, इंग्लैंड के लिए 38 पारी खेलीं लेकिन इनमें से वर्ल्ड कप फ़ाइनल और हेडिंग्ले वाली पारी की सबसे ज्यादा चर्चा हुई और इन्हें हमेशा सबसे बेहतरीन में गिना।

वर्ल्ड कप फ़ाइनल में 242 रन बनाने थे और 45 ओवर तक इंग्लैंड के पास सिर्फ स्टोक्स और उनका साथ देने नीचे के बल्लेबाज़ (टेल-एंडर्स) बचे थे। इनमें से, आखिरी तीन बल्लेबाज़ ने मिलकर सिर्फ़ एक गेंद खेली पर स्टोक्स (84*) और ओवरथ्रो के रन से मैच टाई तक पहुंच गया और वहां से इंग्लैंड बाउंड्री काउंट से चैंपियन बन गया।

इसी तरह, उनके करियर को झटका देने वाले पल भी आए: 2011 में रात में बाहर घूमने के चक्कर में गिरफ्तार; 2013 में इंग्लैंड लायंस ने उन्हें ख़राब व्यवहार (शराब पी और टीम रूल्स को तोड़ा) के लिए सीरीज के बीच से घर वापस भेज दिया; 2014 में एक लॉकर को मुक्का मार दिया और टी20 वर्ल्ड कप नहीं खेल पाए तथा 2017 में एक लड़ाई में दो लोगों को पीटा और एक की तो आंख के सॉकेट की हड्डी तोड़ दी।

अब चेल्सी के एक नाइट क्लब में लड़ाई वाला कांड हो गया जिसकी वजह से इंग्लिश टीम से बाहर किए गए पर इस किस्से ने आखिरकार उनकी सब परेशानी को खत्म कर दिया। बहरहाल ये सब उन्हें शोभा देने वाला नहीं था। हैरानी की बात तो ये कि तब भी उन्हें बीबीसी स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी ऑफ़ द ईयर का अवॉर्ड मिला, जो खिलाड़ी को उनके व्यक्तित्व (सिर्फ़ परफ़ॉर्मेंस नहीं) पर इंग्लिश जनता की राय पर दिया जाता है। पिछले 50 साल में सिर्फ तीन क्रिकेटरों को ये अवार्ड मिला है (बाकी दो: इयान बॉथम और फ्रेडी फ्लिंटॉफ)।

इंग्लिश कप्तानों (कम से कम 15 टेस्ट) में, वे वह उन 5 कप्तान में से एक हैं जो 50 प्रतिशत से ज़्यादा टेस्ट जीते लेकिन 18 टेस्ट हारे भी: इंग्लैंड के लिए जीत के प्रतिशत के हिसाब से नंबर 3 और हार के प्रतिशत में नंबर 4 हैं।

टेस्ट में आखिरी पारी में 20 गेंद पर जो 30 रन बनाए वे तो कमाल के थे। आउट होकर पवेलियन लौटे तो पूरा स्टेडियम तालियां बजा रहा था। आखिरी टेस्ट रिकॉर्ड: 34.46 की औसत से 7273 रन और 30.98 की औसत से 252 विकेट। एक मजेदार बात ये कि जिस ज़ैक फॉक्स को अपने आखिरी विकेट के तौर पर आउट किया, उसी फॉक्स ने उन्हें आउट किया।

उनके करियर की कुछ और ख़ास बातें:
* टेस्ट में 7000 से ज़्यादा रन बनाने और 200 से ज़्यादा विकेट लेने वाले तीन खिलाड़ियों में से एक।
* टेस्ट में दूसरे सबसे तेज़ 200 और सबसे तेज़ 250 रन बनाए।
* टेस्ट में दो बार एक सेशन में 100 से ज़्यादा रन बनाए।
* अपनी आखिरी पारी से पहले, वह अकेले ऐसे क्रिकेटर थे जो ओपनिंग करते हुए कभी आउट नहीं हुए थे लेकिन अपनी आखिरी पारी (आखिरी टेस्ट की) में आउट हो गए।
* एक गेंदबाज के तौर पर, टेस्ट क्रिकेट में 1 बार 300+ रन (अपने आखिरी टेस्ट में), 3 बार 200+ रन, 18 बार 100+ रन और 49 बार 50+ रन की पार्टनरशिप तोड़ी।
* टेस्ट में 2000+ रन और 200+ विकेट का रिकॉर्ड बनाने वाले 26 खिलाड़ियों का ऑलराउंडर रेश्यो (बल्लेबाजी औसत और गेंदबाजी औसत का अनुपात) देखें तो वे 1.112 (34.46/30.99) के रेश्यो के साथ दसवें नंबर पर हैं, क्रिस केर्न्स (1.140) और आर अश्विन (1.073) के बीच।

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* अपनी आखिरी टेस्ट पारी में, जब स्टोक्स ने नंबर 2 पर बैटिंग की (संयोग से ऐसा हो गया या जानबूझकर किया, ये नहीं मालूम) तो बैटिंग ऑर्डर में 1 से 11 तक सभी पोजीशन पर बैटिंग का रिकॉर्ड बना दिया।
* टेस्ट क्रिकेट में अकेले खिलाड़ी जिनके नाम ये तीनों हैं: सभी 11 बैटिंग पोजीशन पर बैटिंग की; सभी 11 बैटिंग पोजीशन वाले बल्लेबाजों को आउट किया और सभी 11 बैटिंग पोजीशन वाले बल्लेबाजों के कैच पकड़े।

स्टोक्स ने हर पारी में औसतन 57 गेंद पर 33 रन बनाए, हर पारी में औसतन 13 ओवर फेंक कर 1.38 विकेट लिए और औसतन हर टेस्ट में एक कैच पकड़ा : एक ऑलराउंडर इससे बेहतर और क्या प्रदर्शन करेगा?

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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