भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए वर्ल्ड कप 2022 की तैयारी का काउंटडाउन शुरू हो रहा है- न्यूजीलैंड में। टूर में टीम 5 वन डे और एक टी 20 इंटरनेशनल खेलेगी। महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप कोविड महामारी के कारण एक साल के लिए स्थगित होने के बाद, इस साल मार्च-अप्रैल में न्यूजीलैंड में है।

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न्यूजीलैंड में खेलें भारत की महिला क्रिकेटर और उनके सबसे पहले न्यूजीलैंड टूर को याद न करें- ये नहीं हो सकता। ये टूर था 1976-77 सीजन के दिसंबर-जनवरी महीने में और साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया भी गए थे। पहले आम तौर पर ऐसा ही होता था- दूरी और कम फ्लाइट्स के कारण पुरुष टीम भी आम तौर पर एक साथ ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड टूर पर जाती थीं। इस टूर में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध एक-एक टेस्ट खेला था। टूर में 5 फर्स्ट क्लास मैच, 4 लिस्ट ए मैच और 3 अन्य मैच भी खेले थे। तब भारत में महिला क्रिकेट का आयोजन आज जैसा नहीं था- तब इनके लिए अलग बोर्ड था और ये अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है कि पैसे की कमी थी। तब कहानी थोड़ी अलग थी।

खर्चा बचाने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को स्थानीय परिवारों के घरों में ठहराया गया था- इनमें से ज्यादातर वहां बसे भारतीय मूल के लोगों के परिवार थे या फिर वे परिवार जिन्होंने खुद मेजबानी की पेशकश की। इन्हीं में से एक न्यूजीलैंड का मशहूर हेडली परिवार था। तब करेन हेडली न्यूजीलैंड के लिए खेलती थीं और रिचर्ड हेडली तो आइकन थे ही। इस टूर के दो किस्से बड़े मजेदार हैं और दोनों से डायना एडुल्जी का नाम जुड़ा है।

एक मैच के दौरान रिचर्ड हेडली भी स्टेडियम आए। उनकी रूचि अगर अपनी पत्नी करेन को खेलते देखने में थी तो ये भी देखना चाहते थे कि भारत से आई क्रिकेटर कैसा खेलती हैं? जो देखा उस पर वे चुप नहीं रहे। डायना से बातचीत में कह ही दिया कि उन्हें तो लगता है ये पतली-दुबली क्रिकेटर छक्का तो छोड़ो, चौका भी नहीं लगा पाएंगी।

20 साल की थीं डायना तब पर शुरू से बेबाक। उन्हें ये बात सुनकर झटका लगा। रिचर्ड के साथ शर्त लगी ली कि वे इसी टूर में छक्का लगाकर दिखाएंगी। तय हुआ कि अगर डायना ने छक्का लगाया तो हेडली उन्हें काउंटी क्रिकेट का अपना एक बैट इनाम देंगे। अगले ही वार्म अप मैच में, डायना ने मिड-विकेट पर छक्का ठोक दिया। सभी को लगा था कि शर्त की बात तो एक मजाक है पर रिचर्ड हेडली वायदे के पक्के निकले- न सिर्फ ये माना कि उनका अंदाज़ा गलत था, वास्तव में अपना एक बैट डायना को दिया।

डायना ठहरी थीं एक ऐसे भारतीय परिवार के घर में जो सालों से न्यूजीलैंड में थे और वहीं का रहन-सहन पूरी तरह से अपना लिया था। पहले ही दिन, शाम को, उनके उनके मेज़बान ने पूछा कि क्या चाय लेंगे? चूंकि डायना और उनके साथ की क्रिकेटर ने पहले ही चाय पी ली थी- इसलिए मना कर दिया।

दो घंटे बाद डिनर का समय हो गया। अब भूख सताने लगी पर डिनर का कोई अता-पता नहीं था। किसी ने भी उनसे रात के खाने के लिए नहीं कहा। जब रहा न गया तो हिम्मत जुटा कर अपने मेजबान से पूछ ही लिया डिनर के बारे में। मेजबान ने बड़े आराम से, पर हैरान होकर जवाब दिया- 'हमने तो आप से चाय पूछी थी पर आपने मना कर दिया था।' तब भारत से गई इन क्रिकेटरों को एहसास हुआ कि न्यूजीलैंड में शाम की 'चाय' का मतलब रात का खाना होता है। उसके बाद, उन्होंने कभी चाय के ऑफर को ठुकराया नहीं।

आज शफाली वर्मा और हरमनप्रीत जैसी शक्तिशाली स्ट्रोक प्ले के लिए मशहूर क्रिकेटरों को कोई चौका-छक्का लगाने की चुनौती नहीं देगा। अब 'चाय' का चक्कर भी नहीं रहा रहा क्योंकि क्रिकेटर बड़े होटल में ठहरती हैं।

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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