Home Department: मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को कहा कि राज्य के गृह विभाग में सरकारी नौकरियों में उन बेहतरीन खिलाड़ियों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, जिन्होंने राज्य का नाम रोशन किया है। यह आरक्षण उनकी उपलब्धियों और सेवाओं के सम्मान में दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी लगातार तीन वर्ष तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता है तो उसे खेल से जुड़ी जिम्मेदारियों से हटाकर उसकी रेगुलर ड्यूटी पर वापस भेज दिया जाएगा।
खेमचंद सिंह ने शनिवार को अरिहा पंगंबम से मुलाकात की, जो इस महीने फिलीपींस में हुई 10वीं एरोबिक जिम्नास्टिक्स एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने अंजोरी पंगंबम से भी मुलाकात की, जिन्होंने इसी इवेंट में 7वां स्थान हासिल किया।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई एशियन चैंपियनशिप में उनके शानदार प्रदर्शन की तारीफ की और उन्हें कड़ी मेहनत जारी रखने और भविष्य में राज्य और देश का नाम और रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया। बाद में उन्होंने मणिपुर ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से पब्लिश की गई एक बुकलेट लॉन्च की। लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि शुक्रवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए एक खास भर्ती पॉलिसी को मंजूरी दी गई।
उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी के तहत राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ और पूरी तरह से मेरिट के आधार पर खिलाड़ियों की भर्ती करेगी।
इस बीच अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर सरकार ने शुक्रवार को 'महिला सशक्तिकरण' योजना की घोषणा की, जिसका मकसद राज्य की 3.5 लाख महिलाओं को फायदा पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी के तहत राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ और पूरी तरह से मेरिट के आधार पर खिलाड़ियों की भर्ती करेगी।
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अधिकारी ने कहा कि इस नई योजना से राज्य भर में मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्य 3.5 लाख महिलाओं को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत हर महिला लाभार्थी को पहले वर्ष में 10,000 रुपए की ग्रांट मिलेगी और उसके बाद दूसरे और तीसरे वर्ष में बिना ब्याज के लोन मिलेगा।