भारत में बिलियर्ड्स और स्नूकर की चर्चा पंकज आडवाणी के बिना नहीं की जा सकती। आडवाणी ने दोनों ही खेलों में वैश्विक मंच पर बड़ी सफलता अर्जित करते हुए देश का नाम रोशन किया है। 2002 से सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आडवाणी ने 2012 में 29 अक्टूबर को सातवीं बार वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीता था। फाइनल में पंकज ने इंग्लैंड के माइक रसेल को हराया।
2012 में वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला लगभग 5 घंटे चला था। एक तरफ पंकज थे, दूसरी तरफ गत चैंपियन माइक रसेल। दोनों किसी भी कीमत पर खिताब अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे। लेकिन, आखिरकार पंकज ने बाजी मारी और स्थानीय रसेल को 1216 के मुकाबले 1895 से हराकर अपना सातवां वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीता।
बिलियर्ड्स और स्नूकर में भारत का सबसे बड़ा चेहरा पंकज आडवाणी का जन्म 24 जुलाई 1985 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उन्होंने 10 साल की उम्र से ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी थी और 11 साल की उम्र में अपना पहला खिताब जीता था। 2000 में उन्होंने पहला जूनियर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीता। 17 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला सीनियर स्नूकर चैंपियनशिप जीता था। यह खिताब जीतने वाले वह सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बने थे। इस खिताब के बाद आडवाणी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2003 में पंकज ने विश्व स्नूकर चैंपियनशिप और 2005 में विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीती थी।
2012 में वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला लगभग 5 घंटे चला था। एक तरफ पंकज थे, दूसरी तरफ गत चैंपियन माइक रसेल। दोनों किसी भी कीमत पर खिताब अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे। लेकिन, आखिरकार पंकज ने बाजी मारी और स्थानीय रसेल को 1216 के मुकाबले 1895 से हराकर अपना सातवां वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीता।
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बिलियर्ड्स और स्नूकर में असाधारण प्रदर्शन के लिए पंकज आडवाणी को भारत सरकार ने 2004 में अर्जुन पुरस्कार, 2005-06 में खेल रत्न, 2009 में पद्मश्री, और 2018 में पद्म भूषण से सम्मानित किया। कर्नाटक सरकार ने 2007 में उन्हें राज्य के सबसे बड़े खेल सम्मान, एकलव्य सम्मान, से सम्मानित किया था। 40 साल की उम्र में पंकज अभी भी सक्रिय हैं और स्नूकर एवं बिलियर्ड्स में देश का नाम रौशन कर रहे हैं।