भारत में खेल क्षेत्र में निशानेबाजी और नौकायन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। 5 जनवरी को इन दोनों खेलों से जुड़े दो दिग्गज खिलाड़ियों का जन्मदिवस है। निशानेबाजी में अंजुम मौदगिल और नौकायन में बजरंग लाल ताखर का बड़ा प्रभाव रहा है।
अंजुम मौदगिल का जन्म 5 जनवरी 1994 को चंडीगढ़ में हुआ था। वह एक प्रभावशाली निशानेबाज हैं। स्कूल के समय से ही उन्होंने निशानेबाजी शुरू कर दी थी, जो कॉलेज तक आते-आते उनका पैशन बन गया। राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने के बाद
अंजुम विशेष रूप से 10 मीटर एयर राइफल और 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में खेलती हैं।
अंजुम ने 2016 विश्व कप, म्यूनिख में 9वां स्थान प्राप्त किया और विश्व विश्वविद्यालय चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता। उन्होंने दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। 2017 में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल सरदार सज्जन सिंह सेठी मेमोरियल मास्टर्स में रजत पदक जीता। 2018 में मैक्सिको में आईएसएसएफ विश्व कप में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा में रजत पदक जीता। राष्ट्रमंडल खेलों में 455.7 अंक प्राप्त कर रजत पदक हासिल किया, जिसमें नीलिंग में 151.9 और प्रोन में 157.1 अंक हासिल किए। क्वालिफिकेशन राउंड में, उन्होंने सीडब्ल्यूजी क्वालिफाइंग रिकॉर्ड को महत्वपूर्ण अंतर से तोड़ दिया। मौदगिल ने 589 स्कोर किया (नीलिंग में 196, प्रोन में 199 और स्टैंडिंग में 194)। वह महिलाओं की 50मी 3पी में भारत की नंबर 1 थीं।
अंजुम का अगला लक्ष्य 2026 एशियन गेम्स और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है।
रोइंग के क्षेत्र का बड़ा नाम बजरंग लाल ताखर का जन्म 5 जनवरी 1981 को राजस्थान के सीकर के पास एक छोटे से गांव में हुआ था। भारतीय सेना की राजपुताना राइफल्स रेजिमेंट से रिटायर्ड नायब सूबेदार, ताखर ने 2001 में सेना में रहते हुए रोइंग के बारे में जाना। ताखर ने 2004 में राष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाई।
अंजुम का अगला लक्ष्य 2026 एशियन गेम्स और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है।
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भारत सरकार ने 2008 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। 2014 एशियाई रोइंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद उन्होंने खेल को अलविदा कह दिया था। संन्यास के बाद वह कोचिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं।