हैदराबाद में 17 साल पहले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकीं भारत की पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुरगुंडे का मानना है कि प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की भारत में वापसी पिछले एक दशक में देश के खेलों में हुई शानदार प्रगति का प्रतीक है।
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 17-23 अगस्त के बीच इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेली जाएगी। भारत दूसरी बार इस बैडमिंटन टूर्नामेंट की मेजबानी करने जा रहा है; इससे पहले 2009 में हैदराबाद इस प्रतियोगिता का वेन्यू था।
मुरगुंडे ने 'साई मीडिया' से कहा, "समूचे भारतीय खेल जगत के लिए काफी गर्व की बात है कि हमें 17 साल बाद फिर से इसकी मेजबानी मिली है। पिछले 8 से 10 वर्षों में भारतीय खेलों का प्रदर्शन शानदार रहा है। हमने कई तरह के इवेंट्स में बेहतरीन नतीजे देखे हैं और साथ ही इस तरह के इंटरनेशनल इवेंट्स की मेजबानी भी की है। यह अभी वाकई बहुत जरूरी और अहम है।"
मुरगुंडे के लिए इसका महत्व बैडमिंटन से कहीं बढ़कर है। उन्होंने अलग-अलग खेलों में बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को भारत लाने के बढ़ते प्रयासों की ओर इशारा करते हुए कहा कि बड़े इवेंट्स में बार-बार हिस्सा लेने से देश के खेल इकोसिस्टम पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा, "हमने खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को भी यह कहते हुए सुना है कि हम सभी खेलों में इंटरनेशनल इवेंट्स के भारत आने का कितना बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।"
मुरगुंडे ने 'साई मीडिया' से कहा, "समूचे भारतीय खेल जगत के लिए काफी गर्व की बात है कि हमें 17 साल बाद फिर से इसकी मेजबानी मिली है। पिछले 8 से 10 वर्षों में भारतीय खेलों का प्रदर्शन शानदार रहा है। हमने कई तरह के इवेंट्स में बेहतरीन नतीजे देखे हैं और साथ ही इस तरह के इंटरनेशनल इवेंट्स की मेजबानी भी की है। यह अभी वाकई बहुत जरूरी और अहम है।"
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2006 की मेडलिस्ट ने कहा, "जब आप अपने होम ग्राउंड पर खेलते हैं, तो माहौल बिल्कुल अलग होता है। हमने देखा है कि जब इंडिया ओपन या भारत में कोई और बड़ा इवेंट होता है, तो इससे हमेशा बहुत फर्क पड़ता है। युवाओं के लिए, अपने ही देश में ऐसे इवेंट्स का अधिक से अधिक आयोजन होना उनके लिए बहुत आसान और बेहतर होता है। इसका सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक रहता है।"