साल 2009 के बाद पहली बार 'बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप' का आयोजन भारत में होने जा रहा है, इसलिए सभी की निगाहें स्वाभाविक रूप से भारत के जाने-माने स्टार्स पर होंगी, लेकिन उनके साथ-साथ आयुष शेट्टी, उन्नति हुड्डा, सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम भी पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में कोर्ट पर उतरेंगे, जिनसे भविष्य में भारतीय बैडमिंटन की नई पहचान बनने की उम्मीद है। आइए, इनके बारे में जानते हैं...
उन्नति हुड्डा (विमेंस सिंगल्स): सिर्फ 17 वर्षीय उन्नति हुड्डा ने भारत के सबसे होनहार युवा बैडमिंटन टैलेंट के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। हरियाणा की शटलर ने साल 2022 में पहली बार सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा, उस समय 14 साल की उम्र में उन्नति ने ओडिशा ओपन सुपर 100 जीता और बीडब्ल्यूएफ 100 वर्ल्ड टूर टाइटल जीतने वाली सबसे युवा भारतीय बनीं। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
साल 2025 में चाइना ओपन सुपर 1000 में उन्नति ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु को मात देकर बड़ा उलटफेर किया। साल 2026 में, उन्होंने पोलिश ओपन जीतकर एक और इंटरनेशनल टाइटल अपने नाम किया।
आयुष शेट्टी (मेंस सिंगल्स): कर्नाटक के इस शटलर ने सबसे पहले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2023 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई। साल 2025 में आयुष ने यूएस ओपन सुपर 300 में अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीता। इसी साल आयुष बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए साल 1965 में दिनेश खन्ना के बाद मेंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने और सिल्वर मेडल जीता।
सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम (विमेंस डबल्स): भारत की तेजी से बेहतर होती महिला डबल्स जोड़ियों में से एक, सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम ने लगातार अच्छे प्रदर्शन से इंटरनेशनल सर्किट में अपनी जगह बनाई है।
आयुष शेट्टी (मेंस सिंगल्स): कर्नाटक के इस शटलर ने सबसे पहले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2023 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई। साल 2025 में आयुष ने यूएस ओपन सुपर 300 में अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीता। इसी साल आयुष बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए साल 1965 में दिनेश खन्ना के बाद मेंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने और सिल्वर मेडल जीता।
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पुडुचेरी की रहने वालीं कविप्रिया सेल्वम, सिमरन के साथ जोड़ी बनाने से पहले तमिलनाडु के प्रतिस्पर्धी घरेलू सर्किट से डबल्स स्पेशलिस्ट के तौर पर उभरकर सामने आईं। इस जोड़ी ने मिलकर इंटरनेशनल रैंकिंग में लगातार तरक्की की है और बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड रैंकिंग में 38वें नंबर तक पहुंचकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल किया है। उन्होंने बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 और सुपर 500 टूर्नामेंट में नियमित रूप से हिस्सा लिया है। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 उनकी साझेदारी का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव होगा, क्योंकि यह जोड़ी बैडमिंटन के सबसे बड़े टूर्नामेंट में अपना डेब्यू करने जा रही है।