भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और भारत के हालिया कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) अभियान, आने वाले एशियाई खेलों की तैयारियों और ओलंपिक 2036 खेलों की मेजबानी को लेकर चर्चा की।
पूर्व ट्रैक और फील्ड एथलीट ने कहा कि बैठक में ग्लासगो में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के प्रदर्शन और जापान में होने वाले एशियाई खेलों के रोडमैप पर चर्चा हुई। इसके साथ ही ओलंपिक 2036 के लिए भारत की दावेदारी को मजबूत करने के प्रति आईओए की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
पीटी उषा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक अच्छी बैठक हुई। उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की सफलता और जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए हमारी तैयारियों के बारे में जानकारी दी। मैंने यह भी दोहराया कि ओलंपिक 2036 खेलों की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को मजबूत करने की हमारी कोशिश में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और अटूट समर्थन से भारत तेजी से एक ग्लोबल स्पोर्टिंग पावरहाउस के रूप में उभर रहा है।"
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने 13 गोल्ड समेत कुल 39 मेडल अपने नाम किया। भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा। शूटिंग, बैडमिंटन, हॉकी और रेसलिंग जैसे खेलों की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत का प्रदर्शन टूर्नामेंट में ऐतिहासिक रहा।
भारत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन मुक्केबाजी में देखने को मिला। भारत ने इस खेल में कुल 10 मेडल जीते, जिसमें 7 गोल्ड शामिल रहे। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में यह भारतीय मुक्केबाजों का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा। भारत के पैरा-एथलीटों ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और तीन गोल्ड सहित सात मेडल जीते।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने 13 गोल्ड समेत कुल 39 मेडल अपने नाम किया। भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा। शूटिंग, बैडमिंटन, हॉकी और रेसलिंग जैसे खेलों की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत का प्रदर्शन टूर्नामेंट में ऐतिहासिक रहा।
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2036 के लिए भारत की दावेदारी और भी अहम हो गई है क्योंकि 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स होने वाले हैं। ओलंपिक की दावेदारी से पहले अपनी साख मजबूत करने की कोशिश के तहत, यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आयोजन क्षमता दिखाने का एक और बड़ा मौका होगा।