संकेत महादेव सरगर का नाम देश के युवा और प्रतिभाशाली वेटलिफ्टरों में लिया जाता है। संकेत अपनी क्षमता का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंच पर करते हुए देश के लिए पदक जीत चुके हैं।
संकेत महादेव का जन्म 16 अक्टूबर 2000 को सांगली, महाराष्ट्र में हुआ था। उनका पूरा नाम संकेत महादेव सरगर है। सांगली के एक साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर का वेटलिफ्टर बनने की संकेत की कहानी संघर्षों से भरी हुई है और किसी भी खेल में विपन्नता का सामना करते हुए बड़ी सफलता हासिल करने का इरादा रखने वाले एथलीटों के लिए प्रेरणा है।
संकेत एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे। इस वजह से वेटलिफ्टिंग के प्रशिक्षण का खर्च उठा पाना उनके लिए आसान नहीं था। परिवार की देखरेख करने की जिम्मेदारी भी उन पर थी। संकेत ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति को कभी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। वह सुबह से शाम तक अपनी आर्थिक स्थिति और खेल के स्तर को सुधारने के लिए कड़ी मेहनत करते थे।
इस वेटलिफ्टर के पास एक छोटी-सी पान और चाय की दुकान थी। वह सुबह साढ़े पांच बजे उठकर ग्राहकों के लिए चाय बनाते। इसके बाद वह ट्रेनिंग के लिए जाते। ट्रेनिंग के बाद संकेत पढ़ाई करते और शाम को फिर दुकान पर जाते। शाम को दुकान पर कुछ समय रहने के बाद वह फिर से वेटलिफ्टिंग के प्रशिक्षण के लिए चले जाते।
संकेत की यह जीवनशैली करीब 7 साल तक रही। इसी दिनचर्या को जीते हुए संकेत ने खुद को राष्ट्रीय स्तर का वेटलिफ्टर बनाया था। संकेत के नाम पुरुषों के 55 किलोग्राम भार वर्ग में 256 किलोग्राम का राष्ट्रीय और राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड है।
सांगली के इस वेटलिफ्टर की जिंदगी 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में बदली। इंग्लैंड के बर्मिंघम में हुए 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 248 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता।
संकेत की यह जीवनशैली करीब 7 साल तक रही। इसी दिनचर्या को जीते हुए संकेत ने खुद को राष्ट्रीय स्तर का वेटलिफ्टर बनाया था। संकेत के नाम पुरुषों के 55 किलोग्राम भार वर्ग में 256 किलोग्राम का राष्ट्रीय और राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड है।
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Article Source: IANS