उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा है कि राज्य की नई खेल नीति में किसी भी तरह की कमी नहीं होगी और इसे एथलीटों और जनता का सुझाव लेकर बनाया जाएगा।
रेखा आर्या ने आईएएनएस से कहा, "नई खेल नीति को लेकर विभाग को दिशा-निर्देश दिया गया है। हमने चर्चा की है कि पुरानी नीति में जितनी भी व्यवहारिक कमियां हम देख रहे हैं, वो नई खेल नीति में बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "हमने निर्देश दिया है कि नई खेल नीति में हमारे खेलों, स्पोर्ट्स फेडरेशन और पैराएथलीटों के बारे में स्पष्टता होनी चाहिए। हमारे पारंपरिक खेलों के बारे में स्पष्टता होनी चाहिए। ऐसे कई खेल हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर नहीं खेले जाते, लेकिन उनकी चैंपियनशिप होती है, इसे लेकर चीजें स्पष्ट होनी चाहिए। इसके अलावा, भारत सरकार की खेल नीति का भी पूरी तरह से समावेश होना चाहिए।"
आर्या ने कहा, "नई खेल नीति को लेकर हम एथलीटों और जनता से सुझाव लेंगे और उसे लागू भी करेंगे। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि जो कमियां 2021 की खेल नीति में रह गई थी, वो सब दूर हो जाएंगे और हमारे एथलीट सशक्त होकर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।"
उन्होंने कहा, "हमने निर्देश दिया है कि नई खेल नीति में हमारे खेलों, स्पोर्ट्स फेडरेशन और पैराएथलीटों के बारे में स्पष्टता होनी चाहिए। हमारे पारंपरिक खेलों के बारे में स्पष्टता होनी चाहिए। ऐसे कई खेल हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर नहीं खेले जाते, लेकिन उनकी चैंपियनशिप होती है, इसे लेकर चीजें स्पष्ट होनी चाहिए। इसके अलावा, भारत सरकार की खेल नीति का भी पूरी तरह से समावेश होना चाहिए।"
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उन्होंने कहा कि ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जिसमें काम नहीं हुआ है। हम 2047 तक राज्य को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से काम कर रहे हैं। यूसीसी लागू किया जाना और नकल विरोधी कानून पूरे देश के लिए नजीर बने हैं। इस तरह बीते पांच साल बेमिसाल रहे हैं।