भारतीय क्रिकेट टीम में ऐसे गेंदबाज बहुत कम हुए हैं, जिन्होंने बड़ी लोकप्रियता हासिल की है और क्रिकेट फैंस के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है। लक्ष्मीपति बालाजी एक ऐसा ही नाम है। बालाजी का अंतरराष्ट्रीय करियर बेशक छोटा रहा, लेकिन उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। क्रिकेट से संन्यास के बाद वह कोचिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं और सफल हो रहे हैं।
27 सितंबर 1981 को मद्रास (अब चेन्नई), तमिलनाडु में जन्मे लक्ष्मीपति बालाजी दाएं हाथ के मध्यम गति के तेज गेंदबाज रहे हैं। बालाजी की खासियत गेंदबाजी में उनकी विविधता रही है, जिसके दम पर पूरे करियर में उन्होंने बल्लेबाजों को परेशान किया।
बालाजी ने 18 नवंबर 2002 को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उनका टेस्ट डेब्यू 2002 में न्यूजीलैंड के खिलाफ और टी20 डेब्यू 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुआ था। बालाजी ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच अक्टूबर 2012 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। यह एक टी20 मुकाबला था।