England Women Test Match Day: लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में यास्तिका भाटिया ने शतकीय पारी के साथ इतिहास रचा। यास्तिका इस मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला बन गई हैं। यास्तिका ने बताया कि उन्होंने बीते 2-3 वर्षों में काफी कुछ झेला है। ऐसे में शतक लगाना उनके लिए काफी भावुक पल था।
शनिवार को बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) की तरफ से आयोजित वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'आईएएनएस' के सवालों के जवाब देते हुए यास्तिका ने कहा, "मैं दो दिन पहले मंदिर गई थी और दो महीने पहले मैंने महाकाल के दर्शन किए थे। वहां उन्हें देखकर भगवान का शुक्रिया अदा करने का जो एहसास होता है – वैसा ही एहसास मुझे शतक लगाने पर हुआ। दो दिन पहले, मैं गुरुदेव दत्त मंदिर गई और भगवान को धन्यवाद कहा। उस समय जो एहसास हुआ, वह बिल्कुल वैसा ही था। शतक लगाना बहुत भावुक पल था क्योंकि पिछले 2-3 वर्षों में मैंने जो कुछ भी झेला है, उसके लिए मैं अपने परिवार की शुक्रगुजार हूं, जो पूरे करियर में मेरे लिए एक मजबूत सहारा रहे हैं। ये वही पल हैं जो मुझे याद आते हैं।"
यास्तिका ने लॉर्ड्स के मैदान पर शतक लगाकर अपना नाम 'ऑनर्स बोर्ड' पर दर्ज करवाया। विकेटकीपर-बल्लेबाज ने खुलासा किया है कि इसके लिए उन्हें प्रेरणा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले के दौरान मिली थी। यास्तिका ने बताया, "जब हम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच खेलने आए थे, तो अमोल सर ने कहा था कि अगर आप शतक लगाती हैं या पांच विकेट लेती हैं, तो आपका नाम ऑनर्स बोर्ड पर आ सकता है। यह एक ऐसी प्रेरणा थी जो सभी खिलाड़ियों के मन में कहीं न कहीं थी। जब मैं अपनी पारी खेलने से पहले बैठी थी, तो मैंने ऑनर्स बोर्ड की तरफ देखा और पाया कि डॉन ब्रैडमैन सर का नाम वहां दो बार है। दिलीप वेंगसरकर सर का नाम भी बोर्ड पर तीन बार है। लोगों ने लॉर्ड्स में ऐसा कई बार किया है। उनके नाम देखकर मैं बहुत प्रेरित और उत्साहित महसूस कर रही थी।"