जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में मयंक यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 18 रन देकर 2 विकेट चटकाए। लंबे समय बाद भारतीय टीम में लौटे मयंक की वापसी दमदार रही।
पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर की वजह से 21 महीने तक खेल से दूर रहने और न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में जुलाई 2025 में सर्जरी करवाने के बाद, हरारे स्पोर्ट्स क्लब में इंटरनेशनल क्रिकेट में सफल वापसी करते हुए 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' का अवॉर्ड जीतना, दुनिया पर दोबारा छा जाने की दिशा में मयंक का सिर्फ पहला कदम है। ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने आईपीएल 2024 के शानदार सीजन में किया था।
दिल्ली के सॉनेट क्लब में मयंक के बचपन के कोच देवेंद्र शर्मा के लिए लंबे समय तक खेल से दूर रहने के बाद इस तेज गेंदबाज को लय में लौटते और अपनी तेज गेंदों से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशान करते देखना राहत और संतुष्टि देने वाला था। कोच देवेंद्र ने 'आईएएनएस' के साथ खास बातचीत करते हुए कहा, "उन्होंने बहुत अच्छी गेंदबाजी की। मयंक को इतना अच्छा प्रदर्शन करते देखना बहुत सुखद था। उनके कोच के तौर पर मुझे बहुत खुशी हुई क्योंकि उसकी सारी मेहनत, जिसमें रिहैब का समय भी शामिल है, रंग लाई है। मुझे वह समय याद है जब वह बहुत परेशान थे, क्योंकि आईपीएल 2025 में पीठ की चोट के बाद उनके लिए चीजें ठीक नहीं चल रही थीं और वह लगातार बेंगलुरु में एनसीए (अब बीसीसीआी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में थे। 20 जुलाई को जिम्बाब्वे रवाना होने से पहले मैंने उन्हें सलाह दी थी कि वह हर समय शॉर्ट बॉल डालने पर ही ध्यान न दे। मैंने उनसे कहा कि बस बल्लेबाज के फुटवर्क को देखो और उसी हिसाब से गेंदबाजी करो, और मेरी वह सलाह बहुत काम आई।"