टोक्यो 2020 पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के कृष्णा नागर ने पैरा-बैडमिंटन के लिए अधिक पहचान और कॉर्पोरेट निवेश की मांग की है। उनका तर्क है कि बेहतर दृश्यता और प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) मिलने से इस खेल में एथलीटों के लिए अवसरों का दायरा काफी बढ़ सकता है।
जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में शिवराजन सोलाईमलाई के साथ पुरुष युगल (एसएच6) में रजत पदक और नित्या श्री सुमति सिवन के साथ मिश्रित युगल (एसएच6) में कांस्य पदक जीतने के बाद नागर ने सरकार और खेल प्राधिकरणों से मिले समर्थन को तो सराहा, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि पैरा-खेलों को अपनी प्रतिस्पर्धात्मक उपलब्धियों के अनुरूप अधिक व्यावसायिक (कमर्शियल) ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
2024 के विश्व चैंपियन ने उन रणनीतिक गलतियों पर भी चर्चा की, जिनकी वजह से उन्हें महत्वपूर्ण अंक गंवाने पड़े। उन्होंने 15-अंकों वाले नए फॉर्मेट में ढलने और लॉस एंजिल्स 2028 पैरालंपिक में फिर से शीर्ष स्थान (पोडियम) हासिल करने के अपने दृढ़ संकल्प के बारे में भी बात की।