भारत की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने कहा कि अपने दूसरे वनडे शतक के लिए 9 साल लंबे इंतजार के दौरान उन्होंने अपनी मेहनत पर भरोसा कभी नहीं छोड़ा। यह इंतजार तब खत्म हुआ जब उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में नाबाद 106 रन बनाए, जिसके दम पर भारतीय टीम ने 121 रनों की बड़ी जीत हासिल की।
रविवार को वडोदरा के बीसीए क्रिकेट स्टेडियम में दीप्ति ने 86 गेंदों का सामना करते हुए 106 रनों की नाबाद पारी खेली। यह दीप्ति के वनडे करियर का दूसरा शतक रहा। उन्होंने अपना पहला एकदिवसीय शतक मई 2017 में लगाया था। इस फॉर्मेट में उनके दो शतकों के बीच 9 साल और पांच महीने यानी 3,450 दिनों का अंतर रहा। सोमवार को आईसीसी के हवाले से दीप्ति ने कहा, "मैंने बहुत कोशिश की लेकिन यहां तक पहुंचने में काफी समय लग गया। हालांकि, मुझे अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा था कि देर-सवेर मैं (एक और शतक) तक जरूर पहुंच पाओगी।"
15 बाउंड्री लगाने वाली दीप्ति को पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर का अच्छा साथ मिला और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 153 रन जोड़े। अपनी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से तीन विकेट लेने वाली दीप्ति ने कहा कि उनका मुख्य ध्यान शतक बनाने के बजाय एक अच्छी साझेदारी बनाने पर था।