भारतीय स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने बताया कि कैसे उन्होंने मैच से पहले की घबराहट को दूर किया और वडोदरा में बुधवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में अपने करियर में पहली बार 5 विकेट चटकाए। उनकी इस शानदार गेंदबाजी की मदद से भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 8 विकेट से जीत दर्ज की और सीरीज को 3-0 से अपने नाम किया।
गुरुवार को बीसीसीआई द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर किए गए एक वीडियो में इस बाएं हाथ की स्पिनर ने अपने इस बेहतरीन प्रदर्शन का श्रेय 'भारत ए' के साथ मिले अनुभव, अपनी साथियों के सपोर्ट और खुद को शांत रखने की कोशिश को दिया। वैष्णवी ने कहा, "5 विकेट लेने का एहसास बिल्कुल अलग होता है। जब आप कड़ी मेहनत करते हैं और फिर मैदान पर आकर 5 विकेट लेते हैं, तो यह वाकई बहुत शानदार एहसास होता है। वापसी का एहसास बहुत अच्छा था। इसके साथ ही मैं काफी घबराई हुई थी। वनडे सीरीज के पहले दिन मैं बहुत नर्वस थी। पहले मैच में मैं बाहर बैठी थी। मैंने स्थिति को समझा और सोचा कि मुझे क्या करना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "बल्लेबाज क्या कर रही हैं? मैं मैदान पर क्या कर सकती हूं? जब मुझे दूसरे मैच में खेलने का मौका मिला, तब भी मैं बहुत नर्वस थी। मैं रात को ठीक से सो नहीं पाई। मैं बहुत कुछ सोच रही थी। मैं मन ही मन सोच रही थी कि मुझे क्या करना है। आखिरकार, मैंने मैदान पर खुद को शांत किया। मैंने अपनी घबराहट पर काबू पाया और फिर मैदान पर अपना खेल दिखाया। मैंने सोचा, ठीक है, चलो आनंद लेते हैं।"