भारत की पूर्व क्रिकेटर प्रीति डिमरी का इंटरनेशनल करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। अपनी मां का सपना साकार करने के लिए क्रिकेटर बनीं प्रीति ने इंग्लैंड की धरती पर बतौर स्पिन अपने टेस्ट डेब्यू में छाप छोड़ी। हालांकि, वह टीम से लगातार अंदर-बाहर होती रहीं।
प्रीति डिमरी का जन्म 18 अक्टूबर 1986 को उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ। प्रीति की मां का खेलों के प्रति खास लगाव था और वह उन्हें क्रिकेटर बनाना चाहती थीं। प्रीति की मां ने उन्हें सिर्फ 5 साल की उम्र में ही क्रिकेट अकादमी में डाल दिया। एकलव्य मैदान से प्रीति का क्रिकेटर बनने का सफर शुरू हुआ। प्रीति ने अपनी सीनियर खिलाड़ी दयालन हेमलता के कहने पर स्पिन गेंदबाज बनने का फैसला किया। शुरुआत में प्रीति ने कुछ समय तेज गेंदबाजी भी की जिससे उनके कंधे मजबूत हो सकें।
प्रीति ने महज 12 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश की सीनियर टीम के लिए अपना पहला मैच खेला। केरल के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में प्रीति अपने प्रदर्शन से छाप छोड़ने में भी सफल रहीं और उन्होंने 5 विकेट चटकाए। इसके बाद उनका सिलेक्शन चैलेंजर ट्रॉफी के लिए भी हुआ। घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बूते प्रीति का सिलेक्शन जल्द ही भारतीय टीम के सीनियर कैंप में हुआ, जहां उन्होंने भारत-ए टीम की ओर से खेलते हुए अपने प्रदर्शन से हर किसी को प्रभावित किया।