हाल ही में भारत ने आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 0-2 से गंवाई। इसके बाद इंग्लैंड के विरुद्ध 5 मुकाबलों की टी20 सीरीज 0-4 से हारने के बाद भारत को वनडे सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में मिली हार ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की कई कमियों को उजागर किया है, जिसमें कुछ खिलाड़ियों की धीमी स्कोरिंग दर चिंता का एक बड़ा कारण है।
मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज तिलक वर्मा उन खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्हें हाल के दौरों में अपने स्ट्राइक-रेट को लेकर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है। तिलक ने आयरलैंड दौरे पर 37 की औसत के साथ कुल 74 रन बनाए। हालांकि, वह इस सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 मुकाबलों में 26 की औसत के साथ 104 रन बनाए।
अब भारतीय टीम 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के विरुद्ध तीन टी20 मुकाबलों की सीरीज खेलेगा, जिससे पहले वर्मा ने आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि वह हालात के हिसाब से खेलते हैं। पहली ही गेंद से आक्रामक बल्लेबाजी करने के बजाय टीम की जरूरत के हिसाब से अपनी रणनीति बदलते हैं।